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सार्दिनिया , इटली ( निकलेश जैन ) सार्दिनिया शतरंज महोत्सव में अर्जेंटीना के युवा खिलाड़ी फ़ॉस्टिनो ओरो ने इतिहास रच दिया है । मात्र 12 वर्ष, 6 महीने और 26 दिन की उम्र में ओरो दुनिया के दूसरे सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बन गए। शतरंज जगत में उन्हें “चेस का मेसी” भी कहा जाता है।

इस उपलब्धि के साथ ओरो ने यूक्रेन के दिग्गज खिलाड़ी सर्गेई करजाकिन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है जिन्होंने 36 साल पहले 1990 में बारह साल और सात माह की उम्र में यह कारनामा किया था । अब उनसे आगे केवल भारतीय मूल के यूएसए के ग्रैंडमास्टर अभिमन्यु मिश्रा हैं, जिन्होंने सबसे कम उम्र  12 वर्ष 4 माह और 25 दिन में ग्रैंडमास्टर बनने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था।

फाउस्टिनो ओरो की यह सफलता केवल अर्जेंटीना ही नहीं बल्कि पूरे दक्षिण अमेरिका के लिए गर्व का क्षण मानी जा रही है। शतरंज इतिहास में दक्षिण अमेरिका ने हमेशा बड़े खिलाड़ियों को जन्म दिया है। क्यूबा के महान विश्व चैंपियन जोस राउल कैपब्लांका को शतरंज इतिहास के सबसे स्वाभाविक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में गिना जाता है। कैपाब्लांका ने 1921 में विश्व चैंपियन बनकर पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र को नई पहचान दिलाई थी।

अब एक सदी बाद फाउस्टिनो ओरो को उसी परंपरा का नया सितारा माना जा रहा है। इतनी कम उम्र में उनकी समझ, आत्मविश्वास और खेल शैली ने दुनिया भर के शतरंज प्रेमियों को प्रभावित किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ओरो विश्व शतरंज के सबसे बड़े नामों में शामिल हो सकते हैं।