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नई दिल्ली : आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में भारत के तेज गेंदबाज श्रीसंथ के साथ अजीत चंदिला भी फंसे थे। तब बीसीसीआई ने इन पर बैन लगा दिया था। अब चंदिला दोबारा चर्चा में हैं। उनपर ठगी का केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि उन्होंने पीड़ित के बेटे का चयन अंडर -14 भारतीय टीम में कराने का वादा किया था। इसके लिए चंदीला पर सात लाख रुपए लेने का आरोप हैं। एफआईआर दर्ज हो चुकी है। फिलहाल चंदीला इस मामले पर बोलने को राजी नहीं है।

यह है मामला
एफआईआर में पीड़ित पक्ष का कहना है कि चंदीला ने उन्हें बेटे का क्रिकेट टीम में नाम शामिल कराने का वादा किया था। इसके लिए साढ़े सात लाख रुपए में सौदा तय हुआ। दिसंबर 2018 चंदीला को उनके घर में ही रकम दी गई। चंदीला ने वादा किया कि फरवरी 2019 में उनका बेटा टीम में होगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। जब चंदीला से पैसे वापस मांगे गए तो उन्होंने चेक दे दिया जोकि बैंक में बाऊंस हो गया। इसी आधार पर उनपर केस दर्ज हो गया।

बीसीसीआई ने लगाया था बैन
बता दें कि 2013 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में चंदीला का भी नाम था। वह तब राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते थे। दिल्ली पुलिस ने उन्हें मई 2013 को श्रीसंत और अंकित चव्हाण के साथ पकड़ा था। बाद में उनपर बीसीसीआई ने आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। इस मामले में श्रीसंत सुप्रीम कोर्ट तक चले गए थे। उनका प्रतिबंध अब अगले साल खत्म होगा।

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