दुबई : भारत ने दुबई 2026 ग्रां प्री – 17वीं फाज़ा इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 43 पदकों के साथ पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। भारत ने कुल 16 स्वर्ण, 13 रजत और 14 कांस्य पदक अपने नाम किए।
कोलंबिया और केन्या ने 20-20 पदक जीते, जिनमें क्रमशः 11 और 6 स्वर्ण पदक शामिल रहे। मेज़बान यूएई 31 पदकों (6 स्वर्ण) के साथ चौथे स्थान पर रहा। यह सीजन का पहला वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री था।
भारत के लिए यह प्रदर्शन खास रहा क्योंकि अगला डब्ल्यूपीए ग्रां प्री नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित होना है। ऐसे में भारतीय एथलीटों ने दुबई क्लब फॉर पीपल ऑफ डिटरमिनेशन ग्राउंड पर आत्मविश्वास से भरी शुरुआत की।
दो बार के पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल ने पुरुषों की जेवलिन F64 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर शानदार वापसी की। वहीं पेरिस 2024 के स्वर्ण पदक विजेता नवदीप (जेवलिन F41) और धर्मबीर नैन (क्लब थ्रो F51) ने भी गोल्ड जीतकर सीजन की बेहतरीन शुरुआत की।
पेरिस 2024 पैरालंपिक्स की डबल ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट प्रीति पाल ने महिलाओं की 100 मीटर T35 में स्वर्ण और 200 मीटर T35 में कांस्य पदक जीता। उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य अपना पर्सनल बेस्ट सुधारना और भारत के लिए ज्यादा से ज्यादा गोल्ड जीतना है। यह तो बस शुरुआत है।”
भाग्यश्री एम. जाधव ने महिलाओं की शॉट पुट और जेवलिन F34 में भावनात्मक जीत दर्ज कर शानदार वापसी की। अन्य स्वर्ण पदक विजेताओं में रिंकू हुड्डा (जेवलिन F46), वरुण सिंह भाटी (हाई जंप T42), दिलीप महादू गावित (400 मीटर T46) और साहिल सलीम सैय्यद (डिस्कस F54/55) शामिल रहे।
रजत पदक विजेताओं में सुनील कुमार, प्रणव सूरमा और गुरुभास्कर सक्कप्पन शामिल रहे, जबकि कांस्य पदक रंजीत चंदा, पूनम राम, फातिमा खातून, दीपेश कुमार सहित अन्य खिलाड़ियों ने जीते।
फाज़ा चैंपियनशिप लंबे समय से वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स सर्किट का अहम हिस्सा रही है। दुबई में शीर्ष स्थान हासिल कर भारत ने आने वाली वैश्विक प्रतियोगिताओं से पहले मजबूत संदेश दे दिया है।