नई दिल्ली : अभी तक सीनियर टीम में पदार्पण नहीं करने के बावजूद हॉकी इंडिया सालाना पुरस्कारों में दो नामांकन पाने वाले युवा गोलकीपर प्रिंस दीप सिंह ने कहा कि इससे उनका खुद पर भरोसा मजबूत हुआ है। सीनियर पुरूष राष्ट्रीय शिविर में अभ्यास कर रहे 21 वर्ष के प्रिंस दीप को हॉकी इंडिया बलजीत सिंह वर्ष 2025 के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर और हॉकी इंडिया जुगराज सिंह वर्ष 2025 के सर्वश्रेष्ठ उदीयमान खिलाड़ी के पुरस्कार के लिये नामांकन मिला है। ये पुरस्कार शुक्रवार को यहां दिये जाएंगे।
प्रिंस दीप ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा है। ऐसे पुरस्कारों के लिये नामांकन पाने में समय लगता है लेकिन मुझे जल्दी मिल गया। टूर्नामेंटों में अच्छे प्रदर्शन और शीर्ष गोलकीपरों के साथ अपना नाम देखकर काफी प्रेरणा मिल रही है।' उन्होंने कहा, 'भारत के पास बेहतरीन गोलकीपर हैं। उनके बीच नामांकन पाना और वह भी सीनियर टीम में पदार्पण से पहले, खास है। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला है कि मैं सही रास्ते पर हूं।'
उन्होंने कहा, 'यह इस सम्मान से मिला सबसे बड़ा तोहफा है। इससे खुद पर संशय नहीं रह गया और आगे अच्छा करने की प्रेरणा मिली है। अब मुझे पता है कि मैं सही राह पर हूं और लगातार सुधार करता रहूंगा।' प्रिंस दीप 2024 FIH जूनियर एशिया कप में स्वर्ण, जोहोर कप 2025 में रजत और पिछले साल चेन्नई में FIH जूनियर विश्व कप में कांस्य पदक जीत चुके हैं।
पठानकोट के रहने वाले प्रिंस दीप ने शुरूआत फुल बैक के रूप में बटाला की चीमा हॉकी अकादमी में की थी। उन्होंने बताया, 'मैं फुटबॉल में गोलकीपर के रूप में खेलता था और कुछ अच्छे गोल बचाए। मेरे कोचों ने मेरा कद देखकर हॉकी में गोलकीपिंग का सुझाव दिया। वहीं से शुरूआत हुई।'