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समरकंद (उज़्बेकिस्तान): भारतीय ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख को अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फीडे) ने "सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी" के अपने पहले "फीडे एक्सीलेंस अवार्ड्स" से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार समारोह 27 सितंबर को 46वें फीडे शतरंज ओलंपियाड के समापन समारोह में समरकंद में आयोजित किया गया।

फीडे एक्सीलेंस अवार्ड्स की यह शुरुआत का साल है, और आगे से यह पुरस्कार हर दो साल में दिया जाएगा। इस बार का मूल्यांकन सितंबर 2024 से अगस्त 2026 तक के ओलंपिक चक्र के प्रदर्शन के आधार पर किया गया, और कुल 11 श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए, जिनके विजेताओं का चयन खुली नामांकन प्रक्रिया और विशेषज्ञ समिति की छानबीन के बाद किया गया।

दिव्या देशमुख को यह सम्मान पिछले एक साल में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए दिया गया, जिसमें सबसे अहम उपलब्धि महिला वर्ल्ड कप में उनकी खिताबी जीत रही, जहां उन्होंने फाइनल में अपनी ही हमवतन हम्पी कोनेरू को हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। इसके अलावा समरकंद ओलंपियाड में भी उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा, जहां भारतीय महिला टीम ने लगातार तीसरी बार नोना गाप्रिंदाश्विली ट्रॉफी अपने नाम की।

पुरुष वर्ग में "सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी " का पुरस्कार उज़्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव को दिया गया, जिन्होंने 2025 फीडे वर्ल्ड कप में सबसे कम उम्र में चैंपियन बनने का इतिहास रचा था और 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट भी जीता था। यह पुरस्कार उन्हें उज़्बेकिस्तान की मेजबानी में हुए ओलंपियाड में पुरुष टीम की स्वर्ण पदक जीत के बाद मिला।

फीडे ने "बेस्ट टीम" की श्रेणी में भी भारत को सम्मानित किया, जहां भारत की पुरुष और महिला दोनों राष्ट्रीय टीमों को यह पुरस्कार दिया गया। इसके साथ ही "डैनियल नारोडित्स्की बेस्ट क्रिएटर अवार्ड" भी चेसबेस इंडिया को दिया गया।

दिव्या देशमुख को मिला यह सम्मान भारतीय शतरंज के लिए एक और गौरवशाली पल है और आने वाले समय में उनसे और बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद जगाता है।