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नई दिल्ली : थाईलैंड मास्टर्स सुपर 300 का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली युवा भारतीय शटलर देविका सिहाग ने अपनी इस बड़ी सफलता का श्रेय दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू के साथ लंबे समय तक किए गए अभ्यास और मशहूर कोच इरवानस्याह आदि प्रतामा के मार्गदर्शन को दिया है। हरियाणा की 20 वर्षीय खिलाड़ी ने इस जीत के साथ भारतीय बैडमिंटन में नया अध्याय जोड़ा है।

सुपर 300 खिताब जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला बनीं देविका

देविका सिहाग साइना नेहवाल और पीवी सिंधू के बाद सुपर 300 महिला एकल खिताब जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला शटलर बन गई हैं। इस उपलब्धि ने उन्हें भारतीय बैडमिंटन के उभरते सितारों में शामिल कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी पहचान को और मजबूत किया है।

सिंधू के साथ अभ्यास से मिला आत्मविश्वास

पीटीआई वीडियो से बातचीत में देविका ने कहा कि पीवी सिंधू के साथ अभ्यास करना उनके करियर के लिए बेहद फायदेमंद रहा। उन्होंने बताया कि सिंधू के खेल को करीब से देखना और उनके अनुशासन व मेहनत से प्रेरणा लेना उनके प्रदर्शन में साफ झलकता है। पिछले कुछ महीनों से सिंधू के साथ अभ्यास करने से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।

कोच इरवानस्याह की भूमिका को बताया अहम

देविका ने इंडोनेशियाई कोच इरवानस्याह आदि प्रतामा के योगदान को भी खास बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस अनुभवी कोच से उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से खुद को बेहतर ढंग से तैयार करने की सीख मिली है। हर सत्र के बाद रणनीति और सुधार पर होने वाली चर्चा उनके खेल को निखारने में मदद कर रही है।

इन दिग्गज खिलाड़ियों से लेती हैं प्रेरणा

देविका ने खुलासा किया कि वह चीनी ताइपे की पूर्व विश्व नंबर एक खिलाड़ी ताई त्ज़ु यिंग और पीवी सिंधू की लंबे समय से प्रशंसक रही हैं। इसके अलावा उन्होंने एन से यंग, अकाने यामागुची और वांग झी जैसे मौजूदा दौर की शीर्ष खिलाड़ियों की फिटनेस, गति और सकारात्मक खेल शैली की भी सराहना की।

टॉप 30 में पहुंचना अगला लक्ष्य

भविष्य को लेकर देविका ने कहा कि इस साल उनका लक्ष्य विश्व रैंकिंग में टॉप 30 में जगह बनाना है। उन्होंने बताया कि साल की शुरुआत शानदार रही है और वह आने वाले टूर्नामेंटों को लेकर काफी उत्साहित हैं। उनका मानना है कि निरंतर अच्छा प्रदर्शन उन्हें इस लक्ष्य तक जरूर पहुंचाएगा।

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