स्पोर्ट्स डेस्क : जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी और फ्रेंच ओपन 2026 चैंपियन अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने अपने शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए पहली बार विम्बलडन पुरुष एकल फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने सेमीफाइनल में ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को सीधे सेटों में हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया। अब ज्वेरेव लगातार दूसरे ग्रैंड स्लैम खिताब से सिर्फ एक जीत दूर हैं।
आर्थर फेरी को सीधे सेटों में हराया
ऑल इंग्लैंड क्लब में खेले गए पुरुष एकल सेमीफाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त 29 वर्षीय अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने दुनिया के 114वें नंबर के खिलाड़ी आर्थर फेरी को 7-6 (7-3), 6-2, 6-4 से मात दी। घरेलू दर्शकों का पूरा समर्थन फेरी को मिल रहा था, लेकिन ज्वेरेव ने पूरे मैच में अपना दबदबा बनाए रखा। पहले सेट के टाईब्रेक में फेरी की शुरुआती डबल फॉल्ट ने मुकाबले का रुख बदल दिया और जर्मन खिलाड़ी ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।
फ्रेंच ओपन के बाद अब विम्बलडन खिताब पर नजर
फ्रेंच ओपन 2026 जीतकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले ज्वेरेव अब विम्बलडन जीतकर लगातार दूसरे ग्रैंड स्लैम का खिताब अपने नाम करना चाहते हैं। मैच के बाद ज्वेरेव ने कहा, 'विम्बलडन हमेशा मेरे लिए सबसे कठिन ग्रैंड स्लैम रहा है। अब मैं इसके फाइनल में हूं और फिलहाल मेरा पूरा ध्यान रविवार के फाइनल पर है।' अगर वह खिताब जीतते हैं तो पेशेवर युग (1968 के बाद) में पहले ऐसे खिलाड़ी बन जाएंगे, जो अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीतने के तुरंत बाद अगला ग्रैंड स्लैम भी जीतेंगे।
फाइनल में सिनर या जोकोविच से होगी टक्कर
अब फाइनल में अलेक्जेंडर ज्वेरेव का सामना मौजूदा चैंपियन यानिक सिनर और सात बार के विम्बलडन विजेता नोवाक जोकोविच के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
1995 के बाद पहला जर्मन पुरुष फाइनलिस्ट
ज्वेरेव ने इस जीत के साथ एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वह 1995 के बाद विम्बलडन फाइनल में पहुंचने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले 1995 में बोरिस बेकर फाइनल में पहुंचे थे, जहां उन्हें पीट सैम्प्रास से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, आखिरी बार किसी जर्मन खिलाड़ी ने 1991 में माइकल स्टिच के रूप में विम्बलडन पुरुष एकल खिताब जीता था। स्टिच ने उस फाइनल में बोरिस बेकर को हराया था।
ज्वेरेव की दमदार सर्विस बनी जीत की सबसे बड़ी वजह
करीब 6 फीट 6 इंच लंबे ज्वेरेव ने पूरे मैच में अपनी तेज सर्विस से फेरी पर दबाव बनाए रखा। उनकी सर्विस की अधिकतम रफ्तार 224 किमी/घंटा रही, जबकि फेरी की सर्विस 193 किमी/घंटा तक पहुंच सकी।