नई दिल्ली : बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले 15 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी रविवार को बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में सेंट्रल जोन के खिलाफ दुलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मैच में ईस्ट जोन के कार्यवाहक कप्तान बनकर इतिहास रच दिया। बाएं हाथ के ओपनिंग बल्लेबाज इस मैच में उप-कप्तान के तौर पर उतरे थे, लेकिन रेगुलर कप्तान ईशान किशन के चोटिल होने के बाद अचानक उन पर कप्तानी सौंपी गई। किशन के मैदान से बाहर जाने के बाद इस युवा खिलाड़ी ने सेंट्रल जोन की पारी के 19वें ओवर में टीम की कमान संभाली।
शुभमन गिल (19 साल, 334 दिन) ने 2019 दिलीप ट्रॉफी के दौरान इंडिया ब्लू की कप्तानी करते हुए इस प्रतियोगिता के इतिहास में सबसे कम उम्र में आधिकारिक तौर पर नियुक्त कप्तान बनने का रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन सूर्यवंशी को किशन के चोटिल होने के बाद यह मौका मिला जोकि नियमों के तरह कप्तान के चोटिल होने के बाद उप-कप्तान को मिलने वाली जिम्मेदारी है।
विकेटकीपिंग के दौरान किशन की दाहिनी कलाई पर चोट लगी और टीम के फिजियो ने तुरंत उनका इलाज किया। इसके बाद वे आगे की जांच के लिए मैदान से बाहर चले गए और बाद में हाथ पर पट्टी बंधवाकर लौटे। झारखंड के उनके साथी खिलाड़ी कुमार कुशग्रा ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। किशन के उपलब्ध न होने पर सूर्यवंशी ने टीम की कप्तानी संभाली, यह सीनियर पुरुष टीम के कप्तान के तौर पर उनका पहला अनुभव था।
यह मौका उन्हें ईस्ट जोन का उप-कप्तान बनाए जाने के कुछ ही हफ्तों बाद मिला जिस पर काफी बहस हुई थी। चयनकर्ताओं ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि यह कदम टीम की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के बजाय उनके लंबे समय के विकास में योगदान देने के लिए उठाया गया था। ईस्ट जोन चयन समिति का हिस्सा रहे झारखंड के चयनकर्ता मनीष वर्धन ने क्रिकइन्फो से कहा था, 'हम सिर्फ वर्तमान के बारे में नहीं सोच रहे हैं।'
सूर्यवंशी को यह जिम्मेदारी उनके फर्स्ट-क्लास करियर की शुरुआत में ही मिल गई। सेंट्रल जोन के खिलाफ यह मैच सूर्यवंशी का दूसरा दुलीप ट्रॉफी मैच है। इससे पहले 2024 की शुरुआत में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करने के बाद से वे 9 फर्स्ट-क्लास मैच खेल चुके थे।
सूर्यवंशी का पिछला प्रदर्शन
सेमीफाइनल में उनका खेलना टूर्नामेंट में उनके मिले-जुले पहले अनुभव के बाद हुआ। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ ईस्ट जोन की शुरुआती दौर की जीत के दौरान, सूर्यवंशी अपनी पहली दुलीप ट्रॉफी पारी में सिर्फ आठ रन ही बना पाए थे। हालांकि, बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया और दो विकेट लिए, जिससे ईस्ट जोन ने पारी से जीत हासिल की। उनके कुल मिलाकर फर्स्ट-क्लास बैटिंग के आंकड़े बताते हैं कि वे अभी भी अपने विकास के शुरुआती दौर में हैं।
सूर्यवंशी ने 9 मैचों में 16.53 की औसत से 215 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है। सूर्यवंशी ने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। यह मौका उन्हें शानदार IPL सीजन के बाद मिला जिसमें उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए 776 रन बनाए थे। इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 200 से ज्यादा रन बनाने के कारण उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया।