Sports

लंदन: भारतीय भाला फेंक के एथलीट दविदंर सिंह कांग को कोच नहीं होने के कारण यहां विश्व चैंपियनशिप के क्वालीफिकेशन दौर के दौरान श्रीलंका के ‘मित्र’ प्रतिस्पर्धी से टिप्स लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग कल रात विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले भाला फेंक के पहले भारतीय एथलीट बने जबकि उनसे अधिक मशहूर नीरज चोपड़ा क्वालीफिकेशन दौर में ही बाहर हो गए। दाहिने कंधे की चोट से जूझ रहे कांग की श्रीलंका के वरूणा रणकोट पेडिगे ने मदद की जो स्वयं उसी क्वालीफिकेशन दौर में भाग ले रहे थे और उन्होंने भारतीय खिलाड़ी को टिप्स दिए।   इससे कांग तीसरे और अंतिम थ्रो में 83 मीटर के स्वत: क्वालीफिकेशन मार्क को पार करने में सफल रहे।

उन्होंने खचाखच भरे ओलंपिक स्टेडियम में 84.22 मीटर भाला फेंका। भाला फेंक में भारत की तरफ से कांग, नीरज और महिला वर्ग में अनु रानी भाग ले रही हैं लेकिन उनके साथ कोच नहीं है।  कांग से जब अंतिम थ्रो से पहले पेडिगे के साथ की गई कसरत के बारे में पूछा गया तो पंजाब के इस 28 वर्षीय एथलीट ने कहा, ‘‘श्रीलंका से वह मेरा मित्र है। मैंने उससे कंधे की कुछ कसरत करवाने के लिए कहा। दूसरे थ्रो के बाद मेरा दूसरा कंधा कुछ जकड़ गया था। वह घूम नहीं रहा था और उसने मुझे स्ट्रेङ्क्षचग करवाई।’’  उन्होंने कहा, ‘‘वह (श्रीलंकाई खिलाड़ी जो ओवरआल 31वें स्थान पर रहा) मेरा बहुत अच्छा मित्र है। उसने मुझे बताया कि पहले दो थ्रो में मेरे शरीर का भार बायीं तरफ था जो कि अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने का एक कारण हो सकता है।

इसलिए मैंने अपने शरीर का भार दायीं तरफ रखने की कोशिश की और मेरा तीसरा थ्रो अच्छा रहा और मैं क्वालीफाई कर गया। मैंने बाद में उसका शुक्रिया अदा किया।’’  कंधे की अपनी चोट के बारे में कांग ने कहा, ‘‘ मई में इंडियन ग्रां प्री के दौरान मैं ट्रैक पर फिसल गया था जिसके कारण मुझे चोट लगी। इससे थोड़ी परेशानी होती रही है। मैंने काफी पट्टियां बांधकर भुवनेश्वर में एशियाई चैंपियनशिप में भाग लिया था।’’  उन्होंने कहा, ‘‘ यहां भी क्वालीफाईंग दौर में मैंने काफी पट्टियां बांध रखी थी। हमारे टीम फिजियो ने ऐसा किया और मुझे इससे थोड़ा फायदा मिला। मई में चोट के बाद मैं विश्राम नहीं कर पाया। ’’