Sports

नई दिल्ली: हाकी इंडिया की 24 जुलाई को होने वाली वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में हॉकी इंडिया लीग के भविष्य पर चर्चा की जाएगी लेकिन जो फ्रेंचाइजी हटना चाहती हैं उन्हें अपनी बैंक गारंटी राशि गंवानी पड़ेगी। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हाकी इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय हाकी महासंघ (एफआईएच) को सूचित किया है कि कुछ फ्रेंचाइजी टीमों से जुड़ी वित्तीय परेशानियों के कारण 2018 में एचआईएल नहीं होगा। लेकिन हॉकी इंडिया के एक शीर्ष अधिकारी ने इन अटकल बाजियों को बकवास करार दिया और कहा कि विश्व संस्था के साथ इसको लेकर कोई संवाद नहीं हुआ हालांकि वे इस फ्रेंचाइजी आधारित लीग के समय में बदलाव पर विचार कर रहे हैं।   

इस शीर्ष अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि किसी भी फ्रेंचाइजी ने अब तक कोई परेशानी नहीं जताई है हालांकि हर साल इसके आयोजन में कुछ बाधाएं आती हैं। फ्रेंचाइजी के पास हटने का विकल्प नहीं है क्योंकि प्रत्येक टूर्नामेंट के बाद तीने महीने के अंदर इससे हटा जा सकता है और यह समयसीमा खत्म हो चुकी है। अगर अब वे एेसा करती हैं तो उन्हें अपनी बैंक गारंटी राशि गंवानी पड़ेगी। 

इस अधिकारी ने कहा कि एफआईएच की नई हॉकी प्रो लीग 2019 से आयोजित की जाएगी और इसलिए एचआईएल आयोजक इस फ्रेंचाइजी आधारित लीग का आयोजन नवंबर-दिसंबर 2018 में करने की सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मैं नहीं जानता कि यह खबर कहां से आयी लेकिन एेसा कुछ नहीं है। 2018 में एचआईएल होगा। हां प्रत्येक टूर्नामेंट से पहले कुछ समस्याएं पैदा होती रही हैं लेकिन हमारी एचआईएल को बंद करने की कोई योजना नहीं है।