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रांची: भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने न्यूजीलैंड के हाथों चौथा वनडे बुधवार को 19 रन से गंवाने के बाद कहा कि इस मैच में दिल्ली के दूसरे वनडे जैसी कहानी रही और टीम ने थोड़े अंतराल में ज्यादा विकेट गंवा दिए। अपने घर में पहली हार का सामना करने वाले धोनी ने कहा, मुझे लगता है कि हम 260 के स्कोर का पीछा कर सकते थे यदि हमारे हाथ में विकेट होते। यह दिल्ली वनडे जैसी कहानी रही जहां हमने लगातार विकेट गंवाये थे। हमें कुछ साझेदारियां करने की जरूरत थी जो यहां नहीं हो पायीं।

धोनी ने पहले 10 ओवर में ज्यादा रन लुटाने और ज्यादा अतिरिक्त रन देने को भी हार के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, हमने पहले 10 ओवर में काफी रन दिए और ज्यादा अतिरिक्त रन भी दे डाले। कप्तान ने साथ ही कहा कि विकेट दोपहर में बल्लेबाजी करने के लिए अच्छा था लेकिन इसके बाद यह धीमा होता चला गया। उन्होंने कहा, लाइट्स में गेंद बल्ले पर सही आ रही थी लेकिन जैसे जैसे गेंद पुरानी होती चली गयी, बल्लेबाजी मुश्किल होती चली गयी।

निचले मध्यक्रम के बल्लेबाजों के लिए धोनी ने कहा, पांचवें और छठे नंबर के बल्लेबाज अभी काफी नये हैं और वह समय के साथ सीखेंगे। नयी पीढ़ी के बल्लेबाज ऐसे हैं जो बड़े शाट खेलना पसंद करते हैं। उन्हें सीखने में समय लगेगा। जब वे 15-20 मैच खेल चुके होंगे तो उन्हें यह खुद समझ में आ जायेगा कि उन्हें अपनी रणनीति कैसे बनानी है। धोनी ने कहा, क्रिकेट काफी बदल चुका है। नये खिलाड़ी बड़े शाट खेलना चाहते हैं और उन्हें ऐसे शाट खेलने से रोकना भी नहीं चाहिये। आप उन्हें यह नहीं कह सकते कि रुक कर खेलें। मुझे लगता है कि कुछ मैच खेलने के बाद उन्हें यह बात समझ में आ जायेगी कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं।

टॉस के लिए धोनी ने कहा, आमतौर पर वर्ष के इस समय शाम के बाद ओस आ जाती है और भारतीय क्रिकेट में जब भी आप ओस की बात करते हैं तो आप पहले गेंदबाजी करना पसंद करते हैं। विशाखापत्तनम में 29 अक्टूबर को होने वाले आखिरी वनडे के लिये कप्तान ने कहा कि टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा। चौथे वनडे में न्यूजीलैंड की पारी में 72 रन बनाने वाले मार्टिन गुप्तिल को मैन आफ द मैच का पुरस्कार मिला।