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पणजी: दिग्गज क्रिकेट सचिन तेंदुलकर ने रविवार को यहां कहा कि वह चाहते हैं कि भारत खेलों से प्यार करने वाले देश की जगह ऐसा देश बने जो खेल प्रतियोगिताओं में भाग ले। दक्षिण गोवा जिले में एक कार्यक्रम में तेंदुलकर ने कहा, ‘मैंने कई बार कहा है कि भारत खेलों से प्यार करने वाला देश है लेकिन खेल खेलने वाला नहीं। इसलिए मेरा लक्ष्य है कि भारत को खेल खेलने वाला देश बनाऊं।’ 

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मास्टर ब्लास्टर ने कहा कि जब बात स्वास्थ्य की हो तो इसमें हमेशा सुधार की गुंजाइश रहती है। उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है, हम सब फिट दिखना चाहते हैं लेकिन आंकड़े ऐसा नहीं कहते है। इसमें सुधार की काफी गुंजाइश रहती है। मैं यही संदेश सभी को देना चाहता हूं।’ बल्लेबाजी के रिकार्डो के इस खिलाड़ी ने कहा कि बच्चों के करियर के चयन के मामले में भी अभिभावकों में बदलाव आ रहा है। उन्होंने कहा, ‘अभिभावक अब खुले विचार के हो रहे हैं। आपके पास इतने सारे लोकप्रिय शेफ और पेशेवर नृतकों का उदाहरण है। भारत धीरे धीरे बदल रहा है।’ तेंदुलकर ने कहा- 'आज के दौर करियर का चुनाव सिर्फ इस बात तक सीमित नहीं है कि आप डॉक्टर बनना चाहते हैं या इंजीनियर।’ 

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