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नई दिल्ली: बड़े मैचों में हारकर चौकर्स का खिताब अपने नाम करने वाली दक्षिण अफ्रीका टीम कमजोर जिम्बाब्वे के खिलाफ एक बार से फेल साबित होने जा रही थी। लेकिन ऐन मौके पर दक्षिण अफ्रीका के दो क्रिकेटरों ने मोर्चा संभाला और मुश्किल हालात में दिख रही अपनी टीम को विजय दिलाई। दरअसल दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच ओवल में मैच खेला जा रहा था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम जिम्बाब्वे के धारदार गेंदबाजों के आगे नतमस्तक होते एक समय महज 101 रन पर 7 विकेट गंवा चुकी थी। ऐसे समय में टीम को उभारने का जिम्मा उठाया तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने। स्टेन अर्धशतक बनाकर दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 197 रनों तक ले गए। जवाब में बल्लेबाजी करने आई जिम्बाब्वे टीम को दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज इमरान ताहिर ने दर धबोचा। उन्होंने छह विकेट लिए। जिसके कारण जिम्बाब्वे सिर्फ 120 रनों पर सिमट गई। 

डेल स्टेन ने बनाया पहला अर्धशतक 

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मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका की तरफ से तेज गेंदबाज और लगभग 2 साल बाद वापसी कर रहे डेल स्टेन ने अपने वनडे करियर का पहला अर्धशतक लगाया। अगर स्टेन रन न बनाते तो जिम्बाब्वे के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका का सबसे कम रनों पर आऊट होने का रिकॉर्ड बनता। स्टेन ने शानदार पारी खेल न सिर्फ अपनी टीम को मजबूत स्थिति में खड़ा किया वहीं गेंदबाजी करते हुए दो विकेट भी झटके। 

हैट्रिक लेने वाले उम्रदराज क्रिकेटर बने ताहिर

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वनडे क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले चौथे अफ्रीकन गेंदबाज बन गए हैं इमरान। उन्होंने वनडे इतिहास की 45वीं हैट्रिक लगाई। अपनी हैट्रिक में उन्होंने सीन विलियम्स, पीटर मूर और ब्रेंडन माउता को आऊट किया। इमरान के यह करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। PunjabKesari
बता दें कि ताहिर से पहले वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा उम्र में हैट्रिक लगाने का रिकॉर्ड जिम्बाब्वे के एंडे ब्रांडेस के नाम था। इस गेंदबाज ने 33 साल और 10 महीने की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ साल 1997 में हैट्रिक ली। लेकिन ताहिर सबसे ज्यादा उम्र में हैट्रिक लेने वाले पहले अफ्रीकन गेंदबाज बने। इससे पहले अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 101 रन पर 7 विकेट गंवा चुकी थी लेकिन इसके बाद स्टेन ने अर्धशतक लगाकर अपनी टीम को 200 के करीब पहुंचाया। जिम्बाब्वे की तरफ से तेंडई चतारा ने सर्वाधिक 3 विकेट लिए। मुश्किल पिच पर जिम्बाब्वे के लिए ये स्कोर बनाना आसान काम नहीं था और जिम्बाब्वे की पारी केवल 78 रन पर ही सिमट गई।

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