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विशाखापत्तनमः भारतीय क्रिकेट टीम और विपक्षी श्रीलंका मौजूदा वनडे सीरीज में 1-1 की बराबरी के बाद रविवार को यहां निर्णायक जंग में खिताब हासिल करने के लिए हाईवोल्टेज मुकाबले में उतरेंगी। मेजबान टीम पर जहां अक्टूबर 2015 के बाद पहली बार सीरीज हारने का खतरा मंडरा रहा है तो वहीं मेहमान टीम के पास भारतीय जमीन पर पहली द्विपक्षीय सीरीज जीतकर इतिहास रचने का सुनहरा मौका भी है।   

श्रीलंका के पास बदला चुकता करने का मौका  
विराट कोहली की अनुपस्थिति में टीम इंडिया की कमान संभाल रहे रोहित शर्मा ने पिछले मैच में दोहरी शतकीय पारी की बदौलत भारत को 141 रन से जीत दिलाकर मुकाबले में बनाए रखा था और सीरीज में बराबरी दिलाई थी तो वहीं इस मोड़ पर श्रीलंका की टीम के पास भी अपने घरेलू मैदान पर मिली 0-9 की हार का बदला चुकता करने का मौका होगा। वनडे सीरीज का पहला मैच श्रीलंका ने धर्मशाला में 7 विकेट से जीता था।  

दोनों टीमों के लिए भले ही यह करो या मरो का मैच हो लेकिन कार्यवाहक कप्तान रोहित पर इस बार दोहरी जिम्मेदारी है। उनके नेतृत्व में टीम पहला मैच हारने से वनडे रैंकिंग में नंबर वन बनने का मौका तो गंवा ही चुकी है लेकिन यदि वह निर्णायक मैच हारती है तो वर्ष 2015 के बाद उसे अपनी घरेलू सीरीज में भी शिकस्त का घूंट पीना होगा। 

भारत ने दक्षिण अफ्रीका से आखिरी बार सीरीज हारी थी लेकिन उसके बाद से वह अपने मैदान पर अपराजेय है। इसके अलावा रोहित असफल रहते हैं तो उन्हें अपनी कप्तानी में टीम का सफल नेतृत्व नहीं कर पाने की भी आलोचना झेलनी होगी। साथ ही भारतीय टीम को अपने मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ भी पहली द्विपक्षीय सीरीज गंवाने की शर्मिंदगी झेलनी होगी। दोनों टीमों के बीच कुल नौ द्विपक्षीय सीरीज में भारत ने 8 जीती हैं और एक ड्रा रही है।

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