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बेंगलुरु : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जबरदस्त बिक्री को लेकर चल रही अधूरी कहानी को ठीक करने की कोशिश में IPL के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने गुरुवार को जोर देकर कहा कि यह डील जितनी बताई जा रही है, उससे कहीं ज्यादा बड़ी और महंगी है। 1.78 अरब अमेरिकी डॉलर का मुख्य आंकड़ा चर्चाओं में छाया रहा है, लेकिन मोदी ने कहा कि असल में खर्च हुई रकम कुछ और ही कहानी बयां करती है। उनके मुताबिक जब सभी चीजों को हिसाब में लिया जाता है तो कुल भुगतान बढ़कर लगभग 1.936 अरब डॉलर हो जाता है जिससे यह डील दो अरब डॉलर के आंकड़े के और करीब पहुंच जाती है। 

उन्होंने समझाया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को दी जाने वाली पांच प्रतिशत ट्रांजैक्शन फीस की वजह से इसकी लागत बेस वैल्यूएशन से काफी ज्यादा बढ़ जाती है। इसके अलावा RCB की महिला टीम को खरीदने की लागत और कई सालों में होने वाले किस्तों वाले भुगतान से भी कुल खर्च और बढ़ जाता है। मोदी ने करेंसी की कीमत में गिरावट को भी एक वजह बताया। उन्होंने कहा कि रुपए में उतार-चढ़ाव की वजह से भारतीय मुद्रा में इस ट्रांजैक्शन की असल कीमत बढ़ गई है जो अब लगभग 18,200 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। 

ये बातें तब सामने आईं जब आदित्य बिड़ला ग्रुप की अगुवाई वाले एक ग्रुप ने यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड से रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली। इस डील को IPL के इतिहास की सबसे बड़ी डील्स में से एक माना जा रहा है। आंकड़ों को विस्तार से समझाकर मोदी एक बड़ी बात पर जोर देना चाहते थे कि IPL फ्रेंचाइजी की कीमतें न सिर्फ तेज़ी से बढ़ रही हैं, बल्कि ऐसी डील्स से जुड़े असल आर्थिक पहलू अक्सर मुख्य आंकड़ों में छिप जाते हैं जिससे इसमें लगे असल निवेश का सही अंदाजा नहीं लग पाता।