नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में विराट कोहली की बल्लेबाजी के साथ-साथ उनकी शानदार फील्डिंग भी हमेशा चर्चा में रही है। पूर्व भारतीय फील्डिंग कोच टी दिलीप ने कोहली की फील्डिंग और टीम पर उनके प्रभाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। दिलीप के मुताबिक, कोहली के लिए मैदान पर इंटेंसिटी से कोई समझौता नहीं होता और उनका यही रवैया टीम के बाकी खिलाड़ियों को भी अपनी सीमाएं आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।
विराट की फील्डिंग में इंटेंसिटी सबसे खास
भारतीय टीम के साथ करीब पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले टी दिलीप ने कहा कि विराट कोहली मैदान पर हमेशा बेहद ऊर्जावान नजर आते हैं। उन्होंने बताया कि कोहली की फील्डिंग का असर सिर्फ उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनके आसपास मौजूद खिलाड़ी भी उसी ऊर्जा के साथ प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं। दिलीप ने कहा, 'जब विराट कोहली की बात आती है, तो इंटेंसिटी से कोई समझौता नहीं होता। आपने उन्हें पावरप्ले में देखा है। वह कवर या शॉर्ट मिड-विकेट पर जिस तरह बल्लेबाज की तरह ही फील्डिंग में भी रिफ्लेक्स और डाइव लगाते हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है।'
उन्होंने आगे कहा, 'करियर के इस पड़ाव पर भी वह डेथ ओवर्स में एक छोर से दूसरे छोर तक दौड़ते हैं। जब फील्ड फैली हुई होती है, तो वह सर्कल से सबसे पहले बाहर निकलने वाले खिलाड़ियों में होते हैं। टीम के लिए यह शानदार चीज है।'
गेंद पास न हो, तब भी चाहते हैं फील्डिंग में शामिल रहना
टी दिलीप ने विराट की एक और खासियत का जिक्र करते हुए कहा कि कोहली सिर्फ उस समय सक्रिय नहीं रहते जब गेंद उनके पास आती है। उनके मुताबिक, कोहली गेंद से दूर होने पर भी खेल में पूरी तरह शामिल रहना चाहते हैं। दिलीप ने कहा, 'मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात सिर्फ उनकी वह कार्रवाई नहीं है जो गेंद उनके पास आने पर दिखाई देती है। जब गेंद उनके पास नहीं होती, तब भी वह गेंद अपने हाथ में चाहते हैं।'
उन्होंने कहा, 'विराट के साथ प्रैक्टिस सेशन और मैच में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। बात सिर्फ विराट की नहीं है, बल्कि उनके साथ फील्डिंग करने वाले बाकी पांच खिलाड़ी भी अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाते हैं। टीम पर उनका यही प्रभाव है।'
इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले भारतीय
विराट कोहली को भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन फील्डरों में गिना जाता है। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भारतीय फील्डर द्वारा सबसे ज्यादा कैच लेने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं। उन्होंने राहुल द्रविड़ के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है। वनडे क्रिकेट में भी कोहली भारत के सबसे ज्यादा कैच लेने वाले फील्डर हैं। उन्होंने मोहम्मद अजहरुद्दीन के लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है।
कोहली अब सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते हैं। उन्होंने 2024 टी20 विश्व कप जीतने के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था, जबकि मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया था।
श्रीलंका दौरे से पहले स्लिप फील्डिंग पर दिलीप की सलाह
भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल में और दूसरा मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाना है। इस दौरे से पहले टी दिलीप ने स्लिप फील्डिंग की अहमियत पर भी बात की। उन्होंने कहा, 'स्लिप में फील्डरों के बीच की दूरी बेहद सटीक होनी चाहिए, क्योंकि तेज गेंदबाजों के खिलाफ गेंद काफी तेजी से आती है। आपके पास अपनी बगल की तरफ ज्यादा दूर जाने के लिए ज्यादा समय नहीं होता।'
स्पिनरों के खिलाफ फील्डिंग को लेकर उन्होंने कहा, 'स्पिनरों के मामले में यह देखना जरूरी है कि विकेटकीपर और स्लिप के बीच कितनी जगह है, ताकि बारीक एज को पकड़ा जा सके। गेंद कितनी तेजी से या कितनी धीमी गति से आ रही है और टर्न कितना है, उसके हिसाब से बल्लेबाज से कितनी दूरी पर खड़ा होना है, यह काफी अहम होगा।'