स्पोर्ट्स डेस्क: फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे दिन फुटबॉल प्रशंसकों को रोमांच, रिकॉर्ड और यादगार प्रदर्शन देखने को मिला। एक ओर अमेरिका ने पैराग्वे को 4-1 से हराकर विश्व कप इतिहास की अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की, वहीं कनाडा ने बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर विश्व कप इतिहास का पहला अंक हासिल किया।
भव्य उद्घाटन समारोह ने बांधा समां
टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह तीन देशों की मेजबानी की थीम पर आधारित रहे। टोरंटो में नोरा फतेही ने वेगेड्रीम और संजय के साथ प्रस्तुति दी, जबकि लॉस एंजिलिस के सोफी स्टेडियम में कैटी पेरी ने अपनी शानदार परफॉर्मेंस से दर्शकों का मनोरंजन किया।
अमेरिका ने रचा इतिहास, पैराग्वे को 4-1 से हराया
ग्रुप डी के मुकाबले में अमेरिका ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। सातवें मिनट में कप्तान क्रिश्चियन पुलिसिक के हमले के दौरान डेमियन बोबाडिला के आत्मघाती गोल से अमेरिका को बढ़त मिली।
31वें मिनट में फोलारिन बालोगुन ने पुलिसिक के शानदार पास पर गोल दागकर स्कोर 2-0 किया। इसके बाद उन्होंने पहले हाफ के इंजरी टाइम (45+4) में दूसरा गोल कर अमेरिका को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।
दूसरे हाफ में पैराग्वे के लिए मौरिसियो ने 72वें मिनट में एक गोल जरूर किया, लेकिन मैच के अंतिम क्षणों (90+7) में जियो रेयना ने शानदार गोल कर अमेरिका की 4-1 की ऐतिहासिक जीत पक्की कर दी। यह फीफा विश्व कप में अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी जीत है और पहली बार अमेरिकी टीम ने किसी विश्व कप मैच में चार गोल दागे हैं।
कनाडा ने हासिल किया विश्व कप इतिहास का पहला अंक
टोरंटो में खेले गए दूसरे मुकाबले में कनाडा ने बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला। यह फीफा विश्व कप इतिहास में कनाडा का पहला अंक है। बोस्निया ने 21वें मिनट में जोवो लुकिच के गोल से बढ़त बनाई। कनाडा ने कई मौके गंवाए, लेकिन दूसरे हाफ में कोच जेसी मार्श के बदलाव कारगर साबित हुए।
77वें मिनट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी साइल लारिन ने गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद कनाडा ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन बोस्निया का डिफेंस मजबूती से खड़ा रहा और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
मेजबान टीमों के लिए शानदार दिन
अमेरिका ने रिकॉर्ड जीत के साथ अपने अभियान की धमाकेदार शुरुआत की, जबकि कनाडा ने विश्व कप इतिहास का पहला अंक हासिल कर अपने प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दिया। दूसरे दिन के मुकाबलों ने साफ कर दिया कि मेजबान टीमें इस बार टूर्नामेंट में बड़ा प्रभाव छोड़ने के इरादे से उतरी हैं।