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विशाखापत्तनम : सीनियर बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की दूसरी पारी में शानदार 81 रन बनाकर रोहित का साथ दिया। चौथे दिन का खेल समाप्त होने पर पुजारा ने कहा कि टेस्ट के पांचवें दिन अब उन्हें थोड़ी नरम गेंद के साथ शुरुआत नहीं करनी पड़ सकती है। 
दरअसल, पुजारा से पूछा गया कि क्या पारी समाप्त घोषित करने का समय सही था, उन्होंने कहा- हां ऐसा था। हम बहुत अधिक ओवर नहीं करना चाहते थे क्योंकि हम चाहते थे कि पांचवें दिन के शुरू में गेंद ठोस बनी रहे। आप गेंद के नरम पड़ जाने के बाद बहुत अधिक ओवर नहीं करना चाहते क्योंकि ऐसे में बल्लेबाजी करना थोड़ा आसान हो जाता है। उन्होंने कहा- हमने आज (डीन एल्गर का) महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया। इसलिए टीम के तौर पर आज के खेल से हम खुश हैं। 

बल्लेबाज करना आसान नहीं होगा

Cheteshwar Pujara after fourth day of IND v SA 1st Test
पुजाना को लगता है कि पांचवें दिन इस पिच पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा- उम्मीद है कि पांचवें दिन यह पिच बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं होगी और इससे स्पिनरों को थोड़ा मदद मिलेगी। हम देख चुके हैं कि पिच से असमान उछाल मिल रही है और इसलिए तेज गेंदबाजों की भूमिका भी अहम होगी। अभी स्पिनरों के लिहाज में पिच में काफी खुरदुरापन है और पांचवें दिन दरारें कुछ और बढ़ जाएंगी। 

रविंद्र जडेजा उठा सकते हैं फायदा

Cheteshwar Pujara after fourth day of IND v SA 1st Test
पुजारा को लगता है कि रविंद्र जडेजा खुरदुरे स्थलों का अच्छा उपयोग कर सकता है क्योंकि कुछ गेंदे या तो तेजी से उठ रही है या नीची रह रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के स्थानों से स्पिनरों को अधिक उछाल मिलेगी। अगर हम एल्गर के लिए की गई जड्डू (जडेजा) की गेंद की असमान उछाल को देखें तो मुझे लगता है कि गेंद दरार पर पडऩे के बाद थोड़ा नीचे रह गई थी। इसलिए अगर असमान उछाल हो तो मुझे लगता है कि स्पिनर दरारों पर गेंद टप्पा करवाना पसंद करेंगे। लेकिन इस तरह की पिचों पर तेज गेंदबाजों को खेलना भी मुश्किल होगा।

बल्लेबाजी के लिए मुश्किल थी पिच

Cheteshwar Pujara after fourth day of IND v SA 1st Test
पुजारा ने दोपहर के सत्र में ड्रिंक्स ब्रेक के बाद तेजी से रन बनाए। इससे पहले उनके लिए रन बनाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि यह बल्लेबाजी के लिए मुश्किल पिच थी। इस पर स्ट्राइक रोटेट करना आसान नहीं था। इस पर सही टाइमिंग से शाट मारना आसान नहीं था फिर जिस तरह से मैं खेलता हूं तो शुरू में मुझे थोड़ी मुश्किल लग रही थी। मैं जानता था कि एक बार पांव जमाने के बाद मैं पिच की गति को समझ लूंगा। इसे समझने के बाद मैंने अपने शाट खेले।

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