स्पोर्ट्स डेस्क : बैडमिंटन एशियाई चैंपियनशिप में भारत के युवा स्टार आयुष शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। चीन के निंगबो में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी कुनलावुत विटिडसर्न को हराकर इतिहास रच दिया।
पहले गेम के बाद जबरदस्त वापसी
20 वर्षीय आयुष शेट्टी ने मुकाबले की शुरुआत धीमी की और पहला गेम 10-21 से गंवा दिया। हालांकि इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-19 और तीसरा गेम 21-17 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। उनके आत्मविश्वास और संयम ने इस जीत में अहम भूमिका निभाई।
59 साल बाद रचा इतिहास
इस जीत के साथ आयुष शेट्टी ने भारत के लिए 59 साल बाद बैडमिंटन एशियाई चैंपियनशिप के पुरुष एकल फाइनल में जगह बनाई है। उन्होंने कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है, जो भारतीय बैडमिंटन के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
दिग्गज खिलाड़ी को दी मात
कुनलावुत विटिडसर्न जैसे विश्व नंबर-1 खिलाड़ी को हराना आसान नहीं था, लेकिन आयुष ने दबाव में शानदार खेल दिखाया।उन्होंने मैच के निर्णायक क्षणों में आक्रामक और सटीक शॉट्स खेलकर विरोधी को बैकफुट पर रखा।
फाइनल में कड़ी चुनौती
अब आयुष शेट्टी का सामना फाइनल में चाउ तियेन चेन और शी यूकी के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। फाइनल मुकाबले में उनसे एक और दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि
आयुष की यह जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और इससे युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारत के खिलाड़ी अब विश्व स्तर पर किसी भी बड़े नाम को चुनौती देने में सक्षम हैं।