Sports

बेंगलुरूः सीमित ओवरों के प्रारूपों में टीम में जगह पक्की नहीं होने के कारण भारत के कार्यवाहक टेस्ट कप्तान अंजिक्य रहाणे ने आज यहां कहा कि वह इंग्लैंड में होने वाली टेस्ट श्रृंखला की अपनी तैयारियों के संदर्भ में स्पष्ट तस्वीर पता करने लिये राष्ट्रीय चयनकर्ताओं से बात करेंगे। अफगानिस्तान के खिलाफ कल से शुरू होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के बाद रहाणे को फिलहाल डेढ़ महीने तक खेलने का मौका नहीं मिल पाएगा क्योंकि उन्हें सीमित ओवरों की टीम से बाहर कर दिया गया है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला एक अगस्त से शुरू होगी लेकिन इससे पहले तीन जुलाई से तीन टी20 और इतने ही वनडे मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी।          

हर टेस्ट मैच मायने रखता है
रहाणे से पूछा गया कि अगले डेढ़ महीने में वह क्या करेंगे, उन्होंने कहा, ‘‘देखिये, मैं नहीं जानता कि इस टेस्ट मैच के बाद क्या होने जा रहा है। लेकिन हां, मैं चयनकर्ताओं से जरूर बात करूंगा।’’ ऐसी चर्चा है कि वह भारत ए की तरफ से कुछ मैचों में खेल सकते हैं लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। रहाणे ने कहा, ‘‘लेकिन मैं मुंबई में अपनी तैयारियां शुरू कर दूंगा जैसा कि मैं हमेशा बांद्रा कुर्ला का पलेक्स (बीकेसी) में करता रहा हूं। प्रत्येक श्रृंखला से पहले मैं अच्छी तैयारी करता हूं लेकिन अभी मेरा ध्यान इस टेस्ट मैच पर है। हर टेस्ट मैच मायने रखता है और हमें यह मैच जीतना होगा।’’ 
PunjabKesari

हमें निर्मम होने की जरूरत
अफगानिस्तान का भले ही यह पहला टेस्ट मैच हो लेकिन रहाणे ने किसी भी टेस्ट टीम के खिलाफ ‘निर्ममता’ दिखाने की जरूरत पर जोर दिया भले ही वह उसका पदार्पण मैच ही क्यों नहीं हो। उन्होंने कहा, ‘‘हम अफगानिस्तान को हल्के से नहीं ले रहे हैं। उनकी टीम बहुत अच्छी है। उनके पास अच्छे गेंदबाज हैं।’’ रहाणे ने कहा, ‘‘एक टीम के तौर पर हम कुछ भी तय नहीं मानकर नहीं चल सकते क्योंकि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। हमें मैदान पर निर्ममता दिखानी होगी। हां एक प्रतिद्वंद्वी के तौर पर हम उनका स मान करते है लेकिन हमारे लिये यह महत्वपूर्ण है कि हम मैदान पर उतरकर 100 प्रतिशत से अधिक योगदान दें। हमें निर्मम होने की जरूरत है।’’          

दिनेश कार्तिक की तरह रहाणे ने अफगानिस्तान के कप्तान अशगर स्टेनिकजई के इस बयान को तवज्जो नहीं दी कि उनके स्पिनर भारत के रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव से बेहतर हैं। रहाणे ने कहा, ‘‘प्रत्येक सदस्य यह विश्वास करना चाहेगा कि उनकी टीम अच्छी है। आंकड़ों के बारे में हम सभी जानते हैं लेकिन हम आंकड़ों पर ध्यान नहीं देना चाहते हैं। अश्विन, जडेजा और कुलदीप अनुभवी स्पिनर है। किसी भी दिन आपकी मानसिकता अंतर पैदा करती है।’’ रहाणे ने कहा कि पिछले तीन दिन लंबे प्रारूप के अनुरूप खुद को ढालने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहे। उन्होंने कहा, ‘‘बेंगलुरू में हमने दो अ यास सत्रों में हिस्सा लिया और ये शानदार रहे। आईपीएल के बाद यह महत्वपूर्ण था कि हम अपनी मानसिकता बदलें। हम अफगानिस्तान को हल्के से नहीं ले रहे हैं।’’     

.
.
.
.
.