Sports

स्पोर्ट्स डेस्क : वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन से अजीत अगरकर और ऑल इंडिया सीनियर पुरूष कमेटी के लिए उन्हें नजरअंदाज करना और इस साल के आखिर में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ T20I सीरीज के लिए टीम में शामिल ना करना बहुत मुश्किल बना रहे हैं। इस 15 साल के खिलाड़ी ने शनिवार को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 36 गेंदों में शतक जड़ा और पैट कमिंस भी उनके फैन बन गए हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान ने इस युवा खिलाड़ी की जमकर तारीफ की और कहा कि सूर्यवंशी उनके “नए पसंदीदा खिलाड़ी” हैं।

कई जानकारों ने पहले ही इस बारे में बात की है कि सूर्यवंशी को इंडिया की प्लेइंग XI में कैसे और क्यों जगह मिलनी चाहिए और उन्हें इंडिया का सबसे कम उम्र का डेब्यू करने वाला खिलाड़ी बनना चाहिए। हालांकि वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर कार्लोस ब्रैथवेट चाहते हैं कि इंडिया की टीम मैनेजमेंट थोड़ा संयम बरते और सूर्यवंशी को डेब्यू कराने से पहले उन्हें टॉप लेवल के माहौल से अवगत कराए।

ब्रैथवेट चाहते हैं कि इंडिया की थिंक टैंक सूर्यवंशी के साथ वैसा ही बर्ताव करे जैसा ब्रायन लारा के साथ किया गया था। यह ध्यान देने वाली बात है कि अपने शुरुआती कुछ सालों में लारा को अगली बड़ी चीज़ माना जाता था। हालाँकि उन्हें पहले टीम के सेटअप में शामिल किया गया और विवियन रिचर्ड्स के साथ समय बिताने का मौका दिया गया। जब वह माहौल से परिचित हो गए तब उन्हें वेस्ट इंडीज के लिए डेब्यू करने का मौका दिया गया। 

ब्रैथवेट ने कहा, 'मैं माफी चाहता हूं, वैभव, लेकिन अगर आप देखें कि वेस्टइंडीज ने ब्रायन लारा को कैसे संभाला। वह एक जबरदस्त टैलेंट थे, यह हर कोई जानता था। तो वेस्टइंडीज ने क्या किया? उन्होंने उन्हें विव रिचर्ड्स और बाकी खिलाड़ियों के साथ टीम में शामिल किया, लेकिन उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला। वह एक अलग दौर था जिसमें बहुत सारे टूर मैच होते थे और उन्होंने डेब्यू किए बिना ही सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेलकर अनुभव हासिल किया। और फिर हम जानते हैं कि डेब्यू करने के बाद उनका करियर कैसा रहा।' 

उन्होंने आगे कहा, 'तो शायद दोनों दुनियाओं का सबसे अच्छा मेल यहीं है - जहां आप उसे भारतीय टीम के साथ रख सकते हैं - विराट कोहली से सीख सकता है, रोहित शर्मा से सीख सकता है, सूर्यकुमार यादव से सीख सकता है। ऐसे युवा खिलाड़ी भी हैं जो उम्र में उसके करीब हैं, जिनसे वह सीख सकता है, इससे पहले कि उसे सीधे मुश्किल हालात में डाल दिया जाए।'