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नई दिल्ली : भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा राष्ट्रीय शिविर के लिए जारी स्वीकृति पत्र से बाहर किए जाने के बाद लगभग 40 मुक्केबाजों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लग गए हैं और उनके इस साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में भाग लेने को लेकर आशंका बन गई है। 

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) की चयन नीति के अनुसार, 30 मार्च से पांच अप्रैल तक आयोजित किए गए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कप (सीओएएस) में 20 भार वर्गों (पुरुष और महिला वर्गों में 10-10) में शीर्ष दो स्थान हासिल करने वालों को राष्ट्रीय शिविर में शामिल किया जाना था, जो 25 अप्रैल से शुरू होने वाला था। पिछले साल दिसंबर में जारी की गई नीति में कहा गया है कि ये 40 मुक्केबाज मूल्यांकन परीक्षणों के लिए पात्र होंगे, जिनमें से राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों और विश्व मुक्केबाजी कप दो के लिए भारतीय टीमों का चयन किया जाएगा। लेकिन बीएफआई को 29 अप्रैल को साइ से जो पत्र मिला है उसमें इन मुक्केबाजों के नाम शामिल नहीं हैं। 

महासंघ ने शुक्रवार को कहा, ''मंजूरी 29 अप्रैल 2026 को प्राप्त हुई थी और वर्तमान में सूची से 40 नाम गायब हैं।' ऐसा समझा जाता है कि BFI इस मुद्दे को सुलझाने के लिए साइ के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। मूल्यांकन प्रक्रिया पांच मई को शुरू होनी थी लेकिन खिलाड़ियों के नाम गायब होने से इसे एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है और अब यह छह मई से शुरू होगी। 

इन 40 मुक्केबाजों में से एक ने कहा, 'हमें बताया गया था कि सीओएएस कप जीतने पर हमें शिविर में जगह मिल जाएगी। पिछले साल की तरह ही यही नीति है, इसलिए मुझे समझ नहीं आ रहा कि समस्या क्या है। शिविर में शामिल होने तथा राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के लिए प्रतिस्पर्धा करने का यही एकमात्र तरीका है, क्योंकि चोट के कारण मैं राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाया था।' राष्ट्रमंडल खेल 23 जुलाई से दो अगस्त तक ग्लासगो में, जबकि एशियाई खेल 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान के आइची और नागोया में होंगे।