स्पोर्ट्स डेस्क : भारत के पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली की सेहत को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आईं जब उनके एक दोस्त ने खुलासा किया कि कांबली के 'दिमाग में खून का थक्का' (clot) जम गया है जिसका असर अब उनकी याददाश्त पर पड़ने लगा है। हालांकि पूर्व क्रिकेटर की पत्नी एंड्रिया हेविट ने इन दावों को झूठा बताया है और कहा है कि कोई उनकी सेहत के बारे में गलत जानकारी फैला रहा है। कांबली की पत्नी एंड्रिया हेविट ने इंडिया टुडे से कहा, 'भगवान की कृपा से, विनोद ठीक हैं। मुझे नहीं पता कि उनकी सेहत के बारे में गलत जानकारी कौन फैला रहा है।'
कांबली के दोस्त और पूर्व फर्स्ट-क्लास अंपायर मार्कस कुटो ने दावा किया था कि पूर्व क्रिकेटर एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहे हैं। कुटो ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया था, 'करीब 18 महीने पहले जब उन्हें ठाणे में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब से ही कांबली के दिमाग में खून का थक्का जमा हुआ है। उनकी याददाश्त अच्छी नहीं है। उन्हें चीजें याद आती हैं और फिर वे उन्हें भूल जाते हैं। यह सब उनके दिमाग में जमे उस थक्के की वजह से हो रहा है।'
उन्होंने आगे कहा, 'कांबली ने शराब पीना छोड़ दिया है, लेकिन कभी-कभी वह सिगरेट पी लेते हैं। उनके लिए धूम्रपान पूरी तरह से मना है, क्योंकि इससे उन्हें ब्रेन स्ट्रोक का खतरा रहता है। यह बात डॉक्टर आदिल छागला (मशहूर न्यूरोसर्जन) ने कही है, जो कांबली के इलाज की देखरेख कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'वह (कांबली) ठीक-ठाक सेहत में लग रहे थे। वह और उनका परिवार अच्छे मूड में थे। कांबली अब चलने के लिए छड़ी का इस्तेमाल करते हैं। उनका बेटा (क्रिस्टियानो) क्रिकेटर बनना चाहता है। मैंने जतिन परांजपे से गुजारिश की कि वह उसे अपनी क्रिकेट अकादमी में दाखिला दें और वह तुरंत मान गए। जाहिर है, जतिन कांबली के बेटे से कोई फीस नहीं लेंगे।'