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नई दिल्ली : युवा भारतीय खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू करने के बाद फैंस, टीम के साथियों और सीनियर खिलाड़ियों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने उन सभी का धन्यवाद किया जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया और उन्हें सपोर्ट किया। मैच के बाद अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर भारत की जर्सी में अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए इस युवा बल्लेबाज ने कहा कि नेशनल टीम का प्रतिनिधित्व करना एक सम्मान की बात है और उन्होंने वादा किया कि जब भी मौका मिलेगा, वह अपना बेस्ट देते रहेंगे। शनिवार को पुरुषों के इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने क्रिकेट जगत और समर्थकों से मिले संदेशों के लिए आभार जताया। 

15 साल के इस खिलाड़ी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, 'सभी संदेशों से अभिभूत हूं। मेरे सभी शुभचिंतकों और सीनियर खिलाड़ियों को लगातार प्यार और सपोर्ट के लिए धन्यवाद। मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका पाकर सचमुच आभारी हूं और मैं हमेशा अपनी टीम के लिए अपना बेस्ट देने की कोशिश करूंगा। सभी का हर चीज के लिए धन्यवाद।' सूर्यवंशी ने सचिन तेंदुलकर और शैफाली वर्मा का रिकॉर्ड तोड़कर सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड बनाया। 

यह पोस्ट सूर्यवंशी के भारत की सीनियर पुरुष टीम के लिए अपना पहला मैच खेलने के ठीक बाद आया, जो इस युवा खिलाड़ी के तेज़ी से आगे बढ़ते करियर में एक अहम पड़ाव था। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे T20I में भारत को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन यह मौका इस युवा खिलाड़ी के लिए एक यादगार पल था जिसने घरेलू सर्किट और एज-ग्रुप क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद अपनी पहली इंटरनेशनल कैप हासिल की थी। 

भारत की सीनियर जर्सी में अपनी तस्वीर के साथ यह संदेश शेयर करके सूर्यवंशी ने डेब्यू के बाद मिले प्रोत्साहन को स्वीकार किया और नेशनल टीम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। मैच की बात करें तो मेजबान टीम ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे T20I में भारत को 4 विकेट से हराया और एक ओवर बाकी रहते हुए 191 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। अर्शदीप सिंह के पहले ओवर में दो विकेट लेने के बावजूद हैरी ब्रूक की 15 गेंदों में 39 रनों की तूफानी पारी ने मैच का रुख बदल दिया, जिसके बाद जैकब बेथेल ने 46 गेंदों में नाबाद 76 रन बनाकर लक्ष्य का पीछा करने में अहम भूमिका निभाई। 

टॉम बैंटन के 39 रनों ने अहम योगदान दिया, जबकि रवि बिश्नोई के 17वें ओवर में बने 29 रन जिसमें दो नो-बॉल और उन पर मिले दो फ्री-हिट शामिल थे, यहीं मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुए। इससे पहले भारत ने 190/7 का स्कोर बनाया था लेकिन इंग्लैंड की सोच-समझकर की गई बैटिंग, हालात का सही इस्तेमाल और आखिर में तेजी से रन बनाने की रणनीति ने उन्हें जीत दिलाई।