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मुंबई : पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी ने युवा क्रिकेटरों को हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट के दौरान मैदान के बाहर या अंदर अपने व्यवहार को लेकर सावधान रहने की कड़ी चेतावनी दी है। यह चेतावनी तब आई है जब सोशल मीडिया पर राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वह पंजाब किंग्स के खिलाफ IPL 2026 मैच के दौरान कैमरे पर 'सिगरेट पीते' (vaping) करते हुए पकड़े गए थे। 

यह घटना RR की पारी के 16वें ओवर के दौरान हुई, जब कैमरे ड्रेसिंग रूम की ओर घूमे और एक छोटा सा पल कैद हो गया। इस पल में पराग, यशस्वी जायसवाल, युद्धवीर सिंह चरक और कुलदीप सेन के आसपास रहते हुए एक 'वेप' (vape) डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दिए। यह फुटेज तुरंत वायरल हो गया जिससे खिलाड़ियों के अनुशासन और भारतीय कानून के तहत ऐसे उपकरणों की वैधता को लेकर बहस छिड़ गई। 

चौधरी ने कहा, 'मुझे कानूनी पहलुओं के बारे में तो नहीं पता, लेकिन निश्चित रूप से सरकारी नियम और अन्य कानून तो होंगे ही। कभी-कभी ये कैमरे कहीं भी जा सकते हैं, इसलिए सभी खिलाड़ियों को बहुत सावधान रहना चाहिए। ये युवा लड़के हैं; उन्हें नहीं पता कि कभी-कभी वे टॉयलेट को छोड़कर कहीं भी पकड़े जा सकते हैं, इसलिए लड़कों को सावधान रहना चाहिए। मुझे लगता है कि टीवी पर अच्छी चीजें दिखाई जानी चाहिए और हमें दूसरी चीजों के बजाय खेल के बारे में चर्चा करनी चाहिए।' 

भारतीय कानून के अनुसार 'सिगरेट पीना' या ई-सिगरेट का उपयोग 'इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम' (PECA) 2019 के तहत अवैध है। यह अधिनियम भारत में ई-सिगरेट और 'वेप्स' के उत्पादन, बिक्री, खरीद, आयात, निर्यात और विज्ञापन पर रोक लगाता है और किसी भी उल्लंघन पर कारावास और भारी जुर्माना हो सकता है। 

'सिगरेट पीने' के खिलाफ कोई स्पष्ट सार्वजनिक नियम नहीं है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पास स्टेडियमों के अंदर खिलाड़ियों के व्यवहार के लिए सख्त दिशानिर्देश हैं। स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ड्रेसिंग रूम या 'डगआउट' में तंबाकू या उससे संबंधित उत्पादों का उपयोग आम तौर पर प्रतिबंधित होता है, जिससे पराग पर दंड का खतरा मंडरा रहा है।