कुआलालंपुर : भारतीय बैडमिंटन स्टार और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू का शानदार सफर शनिवार को मलेशिया ओपन सुपर 1000 टूर्नामेंट के महिला एकल सेमीफाइनल में समाप्त हो गया। विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर काबिज चीन की वांग झियी के खिलाफ सिंधू को सीधे गेम में 6-21, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा।
लंबे समय बाद चोट से वापसी कर रहीं सिंधू दबाव भरे मुकाबले में अपनी लय बरकरार नहीं रख सकीं और उन्हें कई अनावश्यक गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा। इस हार के साथ ही मलेशिया ओपन में भारत का अभियान भी समाप्त हो गया।
पहले गेम में वांग का दबदबा
मैच की शुरुआत में सिंधू ने बेहतर रैंकिंग वाली प्रतिद्वंद्वी को कड़ी चुनौती दी। दमदार शॉट्स और अपनी लंबी पहुंच का अच्छा इस्तेमाल करते हुए उन्होंने 5-2 की शुरुआती बढ़त बना ली। हालांकि, वांग की सटीक नेट प्ले और आक्रामक खेल ने जल्द ही स्कोर बराबर कर दिया।
कुछ गलतियों का फायदा उठाते हुए सिंधू 9-7 से आगे निकलीं, लेकिन नेट पर चूक के चलते ब्रेक तक वांग ने मामूली बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद वांग ने लगातार आक्रामक हमले करते हुए 18-14 की बढ़त बनाई और चार गेम प्वाइंट हासिल कर पहला गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में भी हाथ से फिसली बढ़त
दूसरे गेम की शुरुआत में सिंधू 1-3 से पिछड़ गईं, लेकिन आक्रामक रैलियों के दम पर उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 11-6 की बढ़त के साथ ब्रेक लिया। ब्रेक के बाद वांग ने एक बार फिर दबाव बढ़ाया और तेज रैलियों में सिंधू को उलझा दिया।
सिंधू ने 13-9 तक बढ़त बनाए रखी, लेकिन इसके बाद उनसे लगातार गलतियां होने लगीं। शटल कभी नेट से टकराया तो कभी कोर्ट के बाहर चला गया, जिससे स्कोर 13-13 से आगे चीन की खिलाड़ी के पक्ष में चला गया। दबाव में आईं सिंधू बैकलाइन पर भी चूकती रहीं और वांग ने पांच मैच प्वाइंट हासिल कर फाइनल में जगह पक्की कर ली।
हार के बावजूद आत्मविश्वास से भरी सिंधू
मैच के बाद सिंधू ने कहा, '11-6 की बढ़त पर शायद मुझे 2-3 और अंक लेने चाहिए थे। मैं आगे थी, लेकिन कुछ छोटी गलतियां हो गई। जब आप आगे चल रहे होते हैं, तब भी मैच आसान नहीं होता।'
अगले सप्ताह इंडिया ओपन सुपर 750 में खेलने की तैयारी कर रहीं सिंधू ने कहा कि मलेशिया ओपन उनके लिए सकारात्मक रहा। उन्होंने कहा, 'यह मेरा चोट के बाद पहला टूर्नामेंट था और सत्र की शुरुआत अच्छे प्रदर्शन से करना मेरे लिए महत्वपूर्ण था। इससे मुझे आत्मविश्वास और प्रेरणा मिलेगी। अब मुझे आराम कर इंडिया ओपन की तैयारी करनी है।'