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मुम्बई : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोडर् (बीसीसीआई) सचिव जय शाह ने केंद्रीय अनुबंधित भारतीय खिलाड़ियों से कहा है कि अगर वे देश के लिए खेलना चाहते हैं तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में खुद को ‘साबित' करना होगा। शाह ने इस सप्ताह की शुरुआत में खिलाड़यिों को लिखे एक पत्र में कहा कि बोर्ड को इंडियन प्रीमियर लीग की सफलता पर गर्व है लेकिन खिलाड़ियों की घरेलू क्रिकेट के स्थान पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को प्राथमिकता देने की ‘प्रवृत्ति' हमारी चिंता का कारण है। 

उन्होंने लिखा, ‘कुछ खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट के स्थान पर आईपीएल को प्राथमिकता देनी शुरू दी है। यह एक प्रवृत्ति बनकर उभरने लगी है और यही हमारे लिए चिंता का कारण है। हमने इस तरह की चीजों की अपेक्षा कभी नहीं की थी। घरेलू क्रिकेट हमेशा वह आधार रहा है, जिस पर भारतीय क्रिकेट खड़ा है। हमने कभी भी इस टूर्नामेंट को कम महत्व देने का प्रयास नहीं किया है।' 

उन्होंने कहा, ‘इस बात को समझना बहुत ही आवश्यक है कि घरेलू क्रिकेट भारतीय क्रिकेट की रीढ़ है। यह लगातार कई सालों से भारतीय टीम को नई प्रतिभाएं देता रहा है। भारतीय क्रिकेट के लिए हमारा द्दष्टिकोण शुरू से ही स्पष्ट रहा है कि भारत के लिए खेलने के इच्छुक प्रत्येक क्रिकेटर को घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित करना होगा। घरेलू टूर्नामेंट में किसी भी खिलाड़ी के द्वारा किए गए प्रदर्शन को चयन प्रक्रिया में काफी महत्व दिया जाता है। अगर कोई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में भाग नहीं लेता है तो इसके गंभीर प्रभाव होंगे।' 

उन्होंने कहा, ‘यह पत्र किसी भी खिलाड़ी आलोचना नहीं कर रहा है, बल्कि उन मूल्यों की याद दिलाता है जिन्होंने वर्षों से भारतीय क्रिकेट को दिशा दिखाई है। सामूहिक रूप से हम इस बात का ऐलान करते हैं कि हम कहीं से भी घरेलू क्रिकेट के महत्व को कम नहीं करना चाहते या फिर हम इसकी मूल संचरना को कमजोर नहीं करना चाहते। यह हमारी जिम्मेदारी है कि भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाने के लिए हमें एक साथ मिल कर काम करना होगा।' 

उल्लेखनीय है कि हाल ही के दिनों में घरेलू क्रिकेट में हिस्सा नहीं लेने वाले इशान किशन, श्रेयस अय्यर और दीपक चाहर जैसे खिलाड़यिों को लेकर काफी चर्चा हो रही है। बीसीसीआई के अनुबंध के अनुसार श्रेयस अय्यर ग्रेड बी में हैं, वहीं इशान किशन ग्रेड सी में हैं।