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नवी मुंबई : इंग्लैंड महिला टीम की कप्तान हीथर नाइट (Heather Knight) ने शनिवार को स्वीकार किया कि भारत ने उन्हें दिखाया कि इस तरह की मुश्किल परिस्थितियों में कैसे खेलना है। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम ने शनिवार को डीवाई पाटिल स्टेडियम में एकमात्र टेस्ट में इंग्लैंड को 3 दिन के अंदर 347 रन से रौंदकर महिला टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत दर्ज की। भारतीय टीम अपनी सरजमीं पर नौ साल के बाद खेल रही थी। तीसरे दिन इंग्लैंड ने अपने सभी 10 विकेट गंवा दिए जिसमें ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा और तेज गेंदबाज पूजा वस्त्राकर ने मिलकर 7 विकेट झटके।

 

 

नाइट ने यहां मैच खत्म होने के बाद कहा कि पिच संभवतः हमारी उम्मीद से थोड़ा अधिक तेजी से खराब हुई। मुझे लगता है कि पहली पारी में यह बल्लेबाजी के लिए काफी अच्छी पिच थी। उन्होंने कहा कि आज (शनिवार) उन्होंने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने दिखाया कि इन परिस्थितियों में कैसे खेलना है। नाइट ने कहा कि आज सुबह सीम मूवमेंट ने इसे काफी कठिन बना दिया। इस कारण हमारे शीर्ष क्रम के कुछ विकेट गिर गए थे। इसके बाद भारतीय टीम लगातार हावी रही और हमारे हाथ से मुकाबला निकल गया। 

 

 

वहीं, भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने रिकॉर्ड जीत पर कहा कि इस प्रारूप में कप्तानी में उनकी अनुभव की कमी को टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार की खेल की समझ ने पूरा किया। भारत ने महिला टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत दर्ज की। उसने श्रीलंका का रिकॉर्ड तोड़ा जिसने 1998 में पाकिस्तान को 309 रन से हराया था। भारत ने महज सात सत्र के अंदर इंग्लैंड को शिकस्त देकर घरेलू सरजमीं पर इस टीम के खिलाफ पहली जीत दर्ज की। दोनों देशों के बीच 39 टेस्ट में भारत की यह छठी जीत है।

 


हरमनप्रीत ने टेस्ट मैचों में 2014 में पदार्पण किया था। यह पहली बार है जब वह टेस्ट टीम की अगुवाई कर रही थी। कप्तान ने मैच के दौरान अहम फैसला लेने का श्रेय कोच को देते हुए कहा कि हमारे कोच ने हमारी बहुत मदद की, मेरे पास टेस्ट में टीम का नेतृत्व करने का कोई अनुभव नहीं था। मैं उनके (मजूमदार) फैसलों पर भरोसा कर रही थी चाहे वह पहली पारी में शुभा (सतीश) को एक विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी के लिए भेजना हो या गेंदबाजी की योजना हो। उन्होंने कहा कि आज के शुरुआती 40 मिनट काफी अहम थे। हमारी सोच इंग्लैंड पर दबाव बनाने की थी। हम सुबह की परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहते थे।