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स्पोर्ट्स डेस्क: इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारत को चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बल्लेबाजी के साथ-साथ फील्डिंग में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार नमूना पेश किया।

भारत की ओर से डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव ने मुकाबले में दो बेहतरीन छक्के लगाए और बाद में बाउंड्री लाइन पर शानदार कैच पकड़कर अपनी फील्डिंग क्षमता भी साबित की।

बाउंड्री लाइन पर लपका शानदार कैच

इंग्लैंड की पारी के 18वें ओवर में हर्षित राणा की गेंद पर सैम करन ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद हवा में काफी ऊंची गई, लेकिन बाउंड्री पर तैनात वैभव सूर्यवंशी ने बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए शानदार कैच लपक लिया।

हालांकि तब तक इंग्लैंड जीत के बेहद करीब पहुंच चुका था और उसने छह गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इसके बावजूद वैभव का यह कैच मैच के यादगार लम्हों में शामिल रहा।

बल्लेबाजी में भी दिखाया बेखौफ अंदाज

आयरलैंड के खिलाफ दो और इंग्लैंड के पहले टी20 में बेंच पर बैठने के बाद आखिरकार वैभव को दूसरे मुकाबले में प्लेइंग इलेवन में मौका मिला। उन्होंने संजू सैमसन की जगह टीम में एंट्री की और अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत की।

वैभव ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए। इस छोटी लेकिन प्रभावी पारी में उन्होंने दो शानदार छक्के जड़े। खास बात यह रही कि उनका एक छक्का इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉफ्रा आर्चर के खिलाफ आया, जिसने उनके आत्मविश्वास और आक्रामक बल्लेबाजी का परिचय दिया।

बेथेल ने भारत से छीनी जीत

191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में फिल साल्ट और जोस बटलर को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद हैरी ब्रूक ने 15 गेंदों में 39 रन बनाए, लेकिन अक्षर पटेल ने उन्हें पवेलियन भेज दिया।

हालांकि जैकब बेथेल ने शानदार जिम्मेदारी निभाते हुए नाबाद 76 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। उन्होंने टॉम बैंटन (39) के साथ 67 रन की अहम साझेदारी की। रवि बिश्नोई के 17वें ओवर में आए 29 रन ने भारत की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया और इंग्लैंड ने एक ओवर पहले ही मुकाबला अपने नाम कर लिया।

भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत

हालांकि भारत मैच हार गया, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में यह दिखा दिया कि उनमें बड़े मंच पर खेलने का आत्मविश्वास है। बेखौफ बल्लेबाजी, शानदार फील्डिंग और दबाव में संयम ने साफ कर दिया कि आने वाले समय में वह भारतीय टीम के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।