मुंबई : जसप्रीत बुमराह IPL 2026 में लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं और ज्यादातर बातें इस बारे में रही हैं कि वह विकेट नहीं ले पा रहे, उनकी रफ्तार कम दिख रही है और मुंबई इंडियंस उन्हें सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर रही है। जबकि मुंबई कैंप के लोग यह कहते नजर आ रहे हैं कि बुमराह 'चुनौती के लिए तैयार हैं' और 'जब विकेट लेने का समय आएगा, वह विकेट ले लेंगे'।
सोमवार रात वानखेड़े में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ भी उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। यह इस सीजन का सातवां ऐसा मैच था, जब उन्हें कोई विकेट नहीं मिला और उन्होंने इस दौरान इस मैच में 45 रन दिए। टाइमआउट शो में संजय बांगड़ और वेदा कृष्णमूर्ति ने सुझाव दिया है कि मुंबई टीम प्रबंधन को बुमराह से बात करनी चाहिए और उनसे पूछना चाहिए कि क्या वह ब्रेक लेना चाहते हैं?
वेदा ने कहा, 'टीम प्रबंधन, कोच, कप्तान, उपकप्तान सूर्या (कुमार यादव) या फिर रोहित (शर्मा), ईमानदारी से बैठकर उनसे बात कर सकते हैं। उनसे पूछ सकते हैं ‘क्या आप अंदर से 100 प्रतिशत फिट महसूस कर रहे हैं, ‘क्या आप एक-दो मैच का ब्रेक लेना चाहते हैं। ताकि वह तरोताा होकर लौटें। उनसे यह पूछा जा सकता है और उम्मीद की जा सकती है कि वह ईमानदारी से जवाब देंगे। और अगर वह कहते हैं ‘नहीं, मैं खेलने के लिए तैयार हूं‘, तो शायद हम उनका बेहतर वर्जन देखेंगे, क्योंकि वह और ज्यादा मेहनत करेंगे। एक ईमानदार बातचीत जरूरी है, ताकि यह साफ हो सके कि उन्हें ब्रेक चाहिए या वह खेल सकते हैं।'
इस सीजन बुमराह के साधारण प्रदर्शन के साथ मुंबई का खराब प्रदर्शन भी जुड़ा हुआ है। टीम 10 मैचों में तीन जीत के साथ अंक तालिका में नौवें स्थान पर है। बांगड़ का मानना है कि मुंबई को बुमराह के बिना खेलने के लिए भी तैयार रहना चाहिए, भले ही इसका मतलब सीजन खराब जाना हो। बांगड़ ने कहा, 'यह इस पर भी निर्भर करता है कि कोच और टीम प्रबंधन क्या सोच रहे हैं। अगर मुंबई बुमराह के बिना खेलने के लिए तैयार है, अगर मुंबई नीचे के स्थान पर सीजन खत्म करने के लिए तैयार है, तो शायद बुमराह बाकी मैच न खेलने का फैसला ले सकते हैं।'
सोमवार को बुमराह ने LSG की पारी का दूसरा ओवर डाला और 10 रन दिए। लेकिन चौथा ओवर काफी घटनाओं से भरा रहा। ज्यादातर गेंदें शॉर्ट पिच थीं। तीसरी गेंद वाइड, जिस पर दो रन बने। अगली गेंद मिचेल मार्श ने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से छक्का मारा। फिर नो-बॉल, जिस पर चौका लगा। फ्री-हिट पर भी चौका। कुल आठ गेंदों में 21 रन। इसके बाद वह हटाए गए और 14वें ओवर में वापस आए। इस बार ओवर पूरा करने में नौ गेंदें लगीं। हालांकि एडन मारक्रम और हिम्मत सिंह की धीमी बल्लेबाजी की वजह से उन्होंने सिर्फ सात रन दिए। एक विकेट जैसा मौका भी आया, लेकिन नो-बॉल के कारण हिम्मत बच गए। आखिर तक मारक्रम और हिम्मत के रहने के बावजूद बुमराह ने 19वें ओवर में भी सिर्फ सात रन दिए।
वेदा ने कहा, 'मुझे लगा कि मिचेल मार्श के खिलाफ पावरप्ले में रन देने के बावजूद जिस तरह वह डेथ ओवर्स में लौटे, वह अच्छा था। उन्होंने उन दो ओवरों में ज़्यादा रन नहीं दिए। उनका डिपिंग यॉकर्र और स्लोअर बॉल बेहतरीन थी और इससे उन्हें काफी आत्मविश्वास मिलेगा।' बांगड़ के अनुसार बुमराह की नाकामी कोशिश की कमी नहीं थी। उन्होंने कहा, 'वह बहुत मेहनत कर रहे हैं। बुमराह के लिए यह असामान्य है कि वह पहले दो ओवरों में 31 रन दें। वह पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी बॉडी लैंग्वेज से दिखता है कि वह परेशान हैं। लेकिन मुझे लगता है कि उनका सही इस्तेमाल नहीं हो रहा। उन्हें दूसरे ओवर में गेंद दी गई और फिर चौथे ओवर में। मेरा मानना है कि अपने सबसे अच्छे गेंदबाज को शुरुआत में ही दो अच्छे ओवर (पहला और तीसरा) देने चाहिए।'