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स्पोर्ट्स डेस्क: ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज कूपर कॉनॉली ने बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे और अंतिम वनडे में शानदार 149 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर टीम को एक विकेट से रोमांचक जीत दिलाई। ढाका में खेली गई इस मुकाबले में कॉनॉली ने अकेले दम पर रनचेज को संभाला और ऑस्ट्रेलिया को सीरीज के बाद टी20 श्रृंखला से पहले बड़ा आत्मविश्वास दिलाया। मैच के बाद उन्होंने खुलासा किया कि पारी के अंतिम चरण में उनका शरीर पूरी तरह थक चुका था।

149 रन की पारी के दौरान शरीर ने दिया जवाब

कॉनॉली ने मैच के बाद कहा कि रनचेज के अंत तक उनका शरीर पूरी तरह झटके में था और चलना भी मुश्किल हो रहा था। हालांकि उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाने में योगदान देकर उन्हें बेहद खुशी मिली। कॉनॉली ने कहा, 'अंत में हालात काफी कठिन थे। ऐसा लग रहा था कि मेरा शरीर पूरी तरह शॉक में है और हिलना भी नहीं चाहता। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के लिए जीत में योगदान देना शानदार एहसास था।'

149 के बाद भी अधूरा रह गया सपना

ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 46वें ओवर में सिर्फ 11 रन चाहिए थे, लेकिन इसके बाद मैच अचानक रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया। शोरिफुल इस्लाम ने लगातार विकेट झटककर बांग्लादेश को मुकाबले में वापस ला दिया। ओलिवर पीके, जेवियर बार्टलेट और बेन ड्वारशुइस जल्दी आउट हो गए। इसके बाद मुस्तफिजुर रहमान ने कॉनॉली को भी बोल्ड कर दिया। उस समय जीत के लिए केवल 4 रन चाहिए थे। आखिरकार एडम जाम्पा ने चौका लगाकर ऑस्ट्रेलिया को तीन गेंद शेष रहते जीत दिला दी।

आउट होने का रहा मलाल

कॉनॉली ने माना कि उन्हें सबसे ज्यादा अफसोस इस बात का रहा कि वह मैच खत्म करके नाबाद नहीं लौट सके। उन्होंने कहा, 'मैं खुद से थोड़ा निराश था क्योंकि मैंने सारी मेहनत कर टीम को उस स्थिति में पहुंचाया था। अच्छा होता अगर मैं अंत तक क्रीज पर रहता और मैच खत्म करता।' हालांकि उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों पर भरोसा जताते हुए कहा कि टीम में हर खिलाड़ी जीत दिलाने की क्षमता रखता है।

134 गेंदों में खेली यादगार पारी

कॉनॉली ने 134 गेंदों पर 149 रन बनाए, जिसमें 13 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। यह उनके वनडे करियर का पहला शतक भी था। उनकी इस पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ 1 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की। अब दोनों टीमों के बीच 17 जून से चटगांव में तीन मैचों की टी20 सीरीज शुरू होगी।