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नई दिल्ली : टीम इंडिया के अनुभवी तेज गेंदबाज जहीर खान को जहां पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने अपने भविष्य के बारे में सोचने की नसीहत दी है वहीं पूर्व पाकिस्तानी कप्तान वसीम अकरम का मानना है कि जहीर अब भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। द्रविड़ ने कहा कि अब समय आ गया है जब जहीर को अपने भविष्य को लेकर कोई फैसला कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस तेज गेंदबाज को अपने भविष्य के बारे में सोचना चाहिए क्योंकि मुझे नहीं लगता कि जहीर इंगलैंड में 5 टैस्टों की सीरीज में खेल पाएंगे।’’ पूर्व भारतीय कप्तान से ठीक विपरीत पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम का कहना है कि बाएं हाथ का यह तेज गेंदबाज अब भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

जहीर ने दक्षिण अफ्रीका दौरे में वापसी करने के बाद से 4 टैस्टों में 16 विकेट लिए हैं जिनमें न्यूजीलैंड के दूसरे टैस्ट की दूसरी पारी में 5 विकेट शामिल हैं। अकरम ने कहा, ‘‘ऐसा बहुत कम होता है जब आप 90 टैस्ट खेलने के बाद टीम में वापसी करते हैं। ऐसे में न केवल आपकी गेंदबाजी बल्कि प्रतिष्ठा भी दाव पर होती है।’’  द्रविड़ ने कहा, ‘‘क्या जहीर इंगलैंड में 5 टैस्टों की सीरीज खेल पाएंगे। मुझे लगता है कि वह वहां खेल पाने में सक्षम नहीं हैं। यह सवाल अब उन्हें खुद से पूछना चाहिए। वह ऐसे खिलाड़ी के तौर पर करियर खत्म नहीं करना चाहेंगे जिसने आखिरी समय पर संघर्ष किया हो लेकिन हमने देखा है कि इन 2 सीरीज में वह संघर्ष कर रहे थे। मुझे लगता है कि चयनकत्र्ताओं को इस बात का विचार करना पड़ेगा।’’
 
विश्व विजयी कप्तान कपिल देव के बाद जहीर देश के दूसरे सबसे सफल तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने 92 टैस्टों में 311 विकेट अपने नाम किए हैं लेकिन चोटों के कारण उनका करियर काफी प्रभावित रहा है और काफी समय बाद टीम में वापसी के बावजूद उनके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं है। द्रविड़ के विपरीत अकरम ने कहा, ‘‘हमारे पूर्व कप्तान इमरान खान ने अपने करियर के अंतिम वर्षों में मुझे और वकार यूनुस को काफी कुछ सिखाया था। जहीर भी काफी कुछ ऐसा कर सकते हैं। वह मिड ऑन और मिड ऑफ के बीच खड़े रहकर अन्य तेज गेंदबाजों को रिवर्स सिं्वग जैसे गुर सिखा सकते हैं। वह युवा गेंदबाजों को उस समय उत्साहित कर सकते हैं जब चीजें उनके अनुकूल नहीं जा रही हैं।’’ अकरम ने साथ ही कहा, ‘‘इमरान ने अपने अंतिम वर्षों में हमें रनअप छोटा करने, रिवर्स सिं्वग का इस्तेमाल करने और यार्कर डालने जैसी चीजें सिखाई थीं। तेज गेंदबाजी एक कला है और तेज गेंदबाज होने का यह मतलब नहीं है कि आप इसे आसानी से दूसरों को सिखा सकते हैं। जहीर जितना दूसरों से बात करेंगे उतना ही वह खुद भी सीखेंगे और दूसरों को भी बता सकेंगे।’’

द्रविड़ ने कहा, ‘‘मैं यह नहीं देखना चाहूंगा कि जहीर अपने करियर का समापन 120-125 कि.मी. प्रति घंटे की धीमी रफ्तार के साथ करें और लडख़ड़ाते हुए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दें। उन्होंने इन 2 सीरीज में अपने लिए शानदार काम किया और टुकड़ों-टुकड़ों में अच्छी गेंदबाजी की।’’ अकरम ने कहा, ‘‘मैं पहले 3 वर्षों में इमरान से पूछा करता था कि क्या करूं और क्या न करूं, इस तरह मैंने सीखा।’’ उन्होंने वेङ्क्षलगटन टैस्ट का उदाहरण दिया जहां ईशांत शर्मा दूसरी पारी में 160 से ज्यादा रन लुटाकर कोई विकेट नहीं ले पाए थे। उन्होंने कहा, ‘‘ईशांत ने सीरीज में हालांकि अच्छी गेंदबाजी की थी लेकिन 160 रन पर कोई विकेट नहीं मिलने का मतलब है कि उनके साथ कोई मनोवैज्ञानिक दिक्कत थी।’’ पूर्व पाकिस्तानी गेंदबाज ने कहा, ‘‘ऐसे में जहीर ईशांत के लिए योजना बना सकते थे और उनसे बात कर सकते थे। जहीर के लिए विकेट लेने के अलावा यह भी जिम्मेदारी है कि वह संन्यास लेने से पहले 1-2 अच्छे गेंदबाज तैयार कर दें।’’