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वेलिंगटन: महेंद्र सिंह धोनी भले ही लगातार हार के बावजूद ‘सकारात्मक बातों को लेने’ की दुहाई दे रहे हों लेकिन विदेश में उनका खराब टेस्ट रिकार्ड साबित करता है कि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम घर की शेर बनकर रह गई है। टीम इंडिया न्यूजीलैंड दौरे पर एक भी मैच नहीं जीत सकी। टेस्ट श्रृंखला 0-1 से और पांच मैचों की वन डे श्रृंखला 0-4 से हारी। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका में वन डे 0-2 से और टेस्ट श्रृंखला 0-1 से गंवाई। भारत ने किसी भी प्रतिस्पर्धी मैच में जीत पिछले साल नवंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ कानपुर वन डे में दर्ज की थी।

विदेशी सरजमीं पर भारत ने आखिरी जीत 2011 में किंगस्टन में दर्ज की थी जब पहले टेस्ट में उसने मेजबान को हराया था। उसके बाद से भारत वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड में 14 टेस्ट हार चुका है। धोनी टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे नाकाम कप्तान साबित हुए हैं जिन्होंने 23 में से 11 मैच हारे। न्यूजीलैंड से टेस्ट श्रृंखला हारने के बाद जब उनसे यह सवाल पूछा गया तब धोनी ने कहा, ‘‘मैं नतीजों के बारे में सोचने की बजाय प्रक्रिया पर बात करना पसंद करता हूं। यदि इन श्रृंखलाओं की तुलना पिछली कुछ श्रृंखलाओं से करे तो हमने काफी सुधार किया है।’’