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नई दिल्ली: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए कहा जाता है कि वह जिस मिट्टी में हाथ डालते हैं वही सोना उगलती है लेकिन ‘कैप्टन कूल’ का यही ‘मिडास टच’ अब कहीं खो गया है। धोनी के लिए दक्षिण अप्रीका के बाद न्यूजीलैंड दौरा भी दु:स्वप्न साबित हो रहा है। धोनी की कप्तानी और रणनीतियों पर सवाल उठ रहे हैं और उनके तमाम दाव एक के बाद एक विफल हो रहे हैं। कभी यह स्थिति थी कि धोनी जो दाव चलते थे वह ‘जैकपाट’ बन जाता था लेकिन अब वैसे ही दाव ‘सुपर फ्लाप’ साबित हो रहे हैं।

कैप्टन कूल पर अब एक फार्मेंट की कप्तानी छोडने के लिए दबाव बन रहा है। हालांकि धोनी ने न्यूजीलैंड दौरे पर जाने से पहले कहा था कि उनका किसी फार्मेंट में कप्तानी छोडने का कोई इरादा नहीं है और वह तीनों फार्मे में कप्तानी करते रहेंगे लेकिन लगातार पराजयों के बाद यह माना जा रहा है कि तीनों फार्मेंट के बोझ से धोनी की कप्तानी प्रभावित हो रही है।