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लंदन: इंग्लैंड के प्रमुख बल्लेबाज केविन पीटरसन ने शायद ही अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के ऐसे अंत के बारे में कभी सोचा हो, लेकिन एशेज में पराजय के बाद टीम में हो रहे व्यापक बदलावों की गाज पीटरसन पर भी पड़ी है और उन्हें इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने आगामी दौरों से बाहर कर दिया है। 33 वर्षीय पीटरसन को ईसीबी ने साफ कर दिया है कि उन्हें आगामी कैरेबियाई दौरे और इसी के साथ बंगलादेश में मार्च में खेले जाने वाले टवंटी 20 विश्वकप के लिए टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया है।

ईसीबी के प्रबंध निदेशक पाल डाउंटन और पीटरसन ने पिछले सप्ताह एक दूसरे से मुलाकात भी की और उन्हें बोर्ड के इस निर्णय से अवगत करा दिया गया है। ऑस्ट्रेलिया में एशेज, फिर वन डे और टवंटी 20 सीरीज में लगातार इंग्लैंड की करारी हार के बाद इंग्लिश क्रिकेट टीम में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं और सबसे पहले उसके कोच एंडी फ्लावर ने इस दौरे के बाद अपना इस्तीफा सौंपकर इसका संकेत दे दिया था। अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में पीटरसन ने 104 टेस्टों में 23 शतकों की मदद से 8181 रन बनाए थे जबकि वन डे में उन्होंने चार हजार से अधिक रन बनाए। हालांकि टीम के अनुसार वह खुद को कभी ढाल नहीं पाए जिसके कारण उन्हें कई बार आलोचनाओं का भी शिकार होना पड़ा।

पीटरसन को वर्ष 2008 में इंग्लैंड का कप्तान नियुक्त किया गया था। लेकिन इसके पांच महीने बाद ही कोच पीटर मूरेज के साथ रिश्तों में आई कड़वाहट के कारण वह अपने पद से हट गए थे। वर्ष 2010 में पाकिस्तान के खिलाफ टीम में नहीं लिए जाने पर पीटरसन ने ट्विटर पर इसके खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया था जिसके कारण उन पर जुर्माना लगाया गया था, लेकिन वर्ष 2012 में फिर से उन्होंने सोशल मीडिया पर इसी तरह की विवादास्पद टिप्पणियां की।

वर्ष 2012 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल टेस्ट से पूर्व उन्होंने विपक्षी टीम के खिलाडिय़ों को आपत्तिजनक एसएमएस भेजे जिसके कारण उन्हें आखिरी टेस्ट से बाहर कर दिया गया। हालांकि वह अपने खेल को लेकर हमेशा गंभीर दिखते थे और इसीलिए इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी हमेशा ही उन्हें एक सर्वश्रेष्ठ और खतरनाक खिलाड़ी के तौर पर देखते थे। पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर एंड्रयू फ्लिंटाफ ने भी केविन की प्रशंसा करते हुए कहा ‘केविन को जब भी कुछ साबित करना होता था वह अपने बल्ले से ऐसा कर पाते थे।’

इंग्लिश टीम से अचानक अपना नाता टूटने के बाद पीटरसन ने एक बयान जारी कर कहा ‘अपने देश के लिए खेलना मेरे लिए हमेशा अहम था। मैं जब भी अपनी जर्सी पहनता था मुझे गौरव महसूस होता था और आगे भी मुझे यह याद रहेगा। मैं इस सफर के यूं अंत होने से बहुत दुखी हूं लेकिन एक इंग्लिश खिलाड़ी होने के नाते पिछले नौ वर्षों में मैंने जो भी हासिल किया है उससे मैं खुश हूं।’

उन्होंने कहा ‘मैं इंग्लिश क्रिकेट टीम में सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं। मैं अपनी टीम को भविष्य में सफलता के लिए बधाई देता हूं। मैंने एक क्रिकेटर के तौर पर काफी कुछ किया है। लेकिन मैं आगे भी क्रिकेट से जुड़ा रहूंगा। इस बात का दुख जरूर रहेगा कि वह इंग्लैंड के लिए नहीं होगा।’