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जोहानिसबर्ग: क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने आईसीसी में ढांचागत बदलाव का विरोध किया है। भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को अधिक अधिकार देने वाले इस प्रस्ताव को सीएसए ने ‘मौलिक रूप से त्रुटिपूर्ण’ करार दिया और इसे तुरंत रद्द करने की अपील की। सीए ने अपने बयान में कहा, ‘‘क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से आईसीसी वित्त एवं व्यावसायिक कल्याण समिति के कार्यकारी समूह द्वारा तैयार मसौदा प्रस्ताव को तुरंत रद्द करने और उसकी जगह बेहतर संवैधानिक प्रक्रिया अपनाने का आग्रह किया है।’’

इस प्रस्ताव का मसौदा आईसीसी वित्त एवं व्यावसायिक कल्याण समिति के कार्यकारी समूह ने तैयार किया है जिसमें बीसीसीआई, सीए और ईसीबी प्रमुख सदस्य हैं। उसने आईसीसी के राजस्व वितरण ढांचे, प्रशासनिक ढांचे और भविष्य के दौरा कार्यक्रम में आमूलचूल बदलाव की सिफारिश की है। इसने टेस्ट रैंकिंग की प्रासंगिकता पर सवाल उठाए हैं और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के बजाय चैंपियन्स ट्रॉफी को बनाए रखने की सलाह दी है।

लगभग प्रत्येक सिफारिश में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारतीय क्रिकेट बोर्ड को बोर्ड रूम और मैदान दोनों जगहों पर अधिक भागीदारी के लिए कहा गया है। सीएसए ने हालांकि इसका विरोध किया है। सीएसए अध्यक्ष क्रिस नेनजानी ने आईसीसी अध्यक्ष एलन इशाक को इस संबंध में पत्र लिखा है। इस पत्र की प्रतियां आईसीसी के सभी पूर्णकालिक सदस्य देशों को भी भेजी गई हैं।

नेनजानी ने लिखा है, ‘‘इन प्रस्तावों को पहले संबंधित आईसीसी समितियों या उप समतियों के पास विचार विमर्श के लिए भेजा जाना चाहिए जिसके आधार वे आईसीसी बोर्ड के पास सिफारिशें कर सकें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि प्रक्रिया को ध्यान में रखा जाए तो यह मसौदा प्रस्ताव मौलिक रूप से दोषपूर्ण है और इसलिए यह आईसीसी संविधान का उल्लंघन है।’’ नेनजानी ने इस प्रस्ताव को तुरंत रद्द करने और अधिक स्वीकार्य योजना पर चर्चा करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘परिस्थितियों को देखते हुए हम इस मसौदा प्रस्ताव को तुरंत रद्द करने की पेशकश करते हैं क्योंकि इसके लिए उचित प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है। हमारे विचार में अधिक स्वीकार्य और संवैधानिक रवैया अपनाने की जरूरत है।’’ हारून लोर्गट को सीईओ नियुक्त करने के कारण सीएसए के बीसीसीआई के साथ तनावपूर्ण संबंध रहे हैं।