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मेलबोर्न: अगर खिलाडियों, टेनिस पंडितों और सट्टेबाजों की मानें तो दुनिया की नंबर एक खिलाडी और टाप सीड अमेरिका की सेरेना विलियम्स ने पहले ही छठी बार ऑस्ट्रेलियन ओपन पर अपना नाम लिखा दिया है और टूर्नामेंट में उतर रही बाकी 127 खिलाडियों को अपना बोरिया बिस्तर बांधकर घर जाने की तैयारी कर लेनी चाहिए। लगातार 22 मैचों से अपराजेय चल रही सेरेना पूरी तरह फिट और तरोताजा होकर मेलबोर्न पहुंची हैं और ग्रैंड स्लेम की उनकी भूख उम्र बढने के साथ तेज हो गई है।

चोटों और बीमारी के कारण सेरेना पिछले तीन साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में खिताब से वंचित रही थी। उम्र का 32 साल की सेरेना पर कोई असर नहीं है। पिछले साल उन्होंने दूसरी बार फ्रेंच ओपन जीतने के बाद यू एस ओपन का खिताब भी जीता था। सेरेना यू एस ओपन जीतने वाली सबसे उम्रदराज खिलाडी बनी थीं। सेरेना ने 2003, 2005, 2007, 2009 और 2010 में ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीता था और अगर वह छठी बार यह खिताब जीतने में सफल रहती हैं तो मार्टिना नवरातिलोवा और क्रिस एवर्ट के 18 ग्रैंड स्लेम खिताब जीतने के रिकार्ड की बराबरी कर लेंगी। इस सूची में जर्मनी की स्टेफी ग्राफ (22) दूसरे और ऑस्ट्रेलिया की माग्ररेट कोर्ट (24) पहले स्थान पर हैं।

टेनिस इतिहास में सेरेना अपना नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित करा चुकी हैं लेकिन उनके कोच पेट्रिक मूरातोग्लू का मानना है कि यह अमेरिकी खिलाडी करियर ग्रैंड स्लेम हासिल कर सकती हैं। टेनिस के आधुनिक दौर में कोर्ट (1970) और ग्राफ (1988) को ही यह उपलब्धि हासिल है। पुरुष वर्ग में जहां राफेल नडाल, नोवाक जोकोविच, रोजर फेडरर और एंडी मरे की चौकडी के बीच बादशाहत के लिए संघर्ष चलता रहता है वहीं महिला वर्ग में सेरेना का एकछत्र राज है और उन्हें चुनौती देने वाला कोई नहीं है। यही वजह है कि टूर्नामेंट शरु होने से पहले ही उनकी जीत पक्की मानी जा रही है।