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मई 2013 में माउंट एवरेस्ट फतह करने वाला 24 वर्षीय राम लाल आज जीवन जीने के लिए सब्जियां बेच रहा है। वह फतेहाबाद जिले के टोहाना में सब्जियां बेचते देखे जा सकते हैं। हरियाणा के टोहाना का राम लाल दुनिया के उन चुनींदा लोगों में है जिसने मई महीने में माउंट एवरेस्ट फतह किया था और वहां भारत का तिरंगा लहराया था। उन्हें राज्य सराकर की ओर से 5 लाख रुपए की नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई थी। खुद मुख्य मंत्री भूपिन्दर सिंह हुडा ने इस पुरस्कार की घोषणा की थी लेकिन इस मामले में कुछ भी नहीं हुआ।

राम लाल ने बताया कि उसके पिता रीढ़ की चोट के कारण बिस्तर पर हैं और उसे घर का खर्च चलाना पड़ता है। स्थानीय एनजीओ उनकी मदद कर रहे हैं। इसके अलावा कुछ अन्य लोग भी उनकी मदद कर रहे हैं। मैंने घर चलाने के लिए लोन भी लिया है जिसे चुकाने के लिए मैं सब्जियां बेच रहा हूं।

राम लाल ने यह भी बताया कि ईनाम के लिए वह कई बार हरियाणा के स्पोर्ट्स मिनिस्टर परमवीर सिंह से मिला लेकिन कुछ नहीं हुआ। राम लाल चाहते हैं कि किसी तरह उन्हें ईनाम की रकम मिल जाए ताकि वह लोन चुकाएं और पिता का इलाज कराएं।