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चेन्नई: राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) ने आज दावा किया कि उसके प्रतिनिधि महमूद अब्दी के साथ बुरा बर्ताव किया गया और उन्हें बीसीसीआई की कार्य समिति की बैठक में हिस्सा नहीं लेने दिया गया जिससे कि वह बता सकें कि उनके मुवक्किल और आईपीएल के प्रतिबंधित पूर्व आयुक्त ललित मोदी को आरसीए का चुनाव लडऩे की स्वीकृति क्यों दी गई। बीसीसीआई सचिव संजय पटेल को भेजे ईमेल में आरसीए सचिव केके शर्मा ने बैठक का आयोजन कर रहे होटल में सुरक्षाकर्मियों ने अब्दी के साथ जिस तरह का व्यवहार करके राज्य इकाई को शर्मसार किया है उसके लिए माफी मांगने को कहा है।

रोचक बात यह है कि आरसीए बीसीसीआई की कार्य समिति का हिस्सा नहीं है। शर्मा ने कहा, ‘‘हमारे प्रतिनिधि के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया उससे मैं पूरी तरह से हताश हूं। कम से कम यह किया जा सकता था कि आप हमारे आग्रह को कार्य समिति के समक्ष रखते और हमें सूचित करते कि हमें अपना पक्ष रखने की स्वीकृति मिलती है या नहीं।’’ शर्मा ने कहा, ‘‘अगर हमें अपना पक्ष रखने की स्वीकृति नहीं देने का फैसला पहले ही कर लिया गया था तो हमें पहले ही इसकी जानकारी दे देनी चाहिए थी जिससे कि हम अपने संघ को शर्मसार होने से बचा पाते।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि वह व्यक्ति माफी मांगे जिसने सुरक्षाकर्मियों (बाउंसर्स) को निर्देश दिया कि वह हमारे प्रतिनिधि को बैठक में जाने से रोके। ध्यान रखिए यह कार्य समिति फैसला नहीं है क्योंकि हमारे प्रतिनिधि को बैठक शुरू होने से पहले ही कमरे में प्रवेश करने से रोक दिया। महमूद अब्दी अब भी होटल में इंतजार कर रहे हैं। हमें तुरंत अपनी प्रतिक्रिया से अवगत कराएं। हम चाहते हैं कि हमारे साथ कम से कम ऐसा बर्ताव तो हो जो बोर्ड के पूर्ण सदस्य के साथ होता है।’’