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नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले चुके मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने दिलचस्प खुलासा किया है कि जब उन्हें प्रधानमंत्री के फोन से भारत रत्न मिलने की खबर मिली तो उनकी पत्नी अंजलि उछलने लगी। सचिन ने इस बात का खुलासा सीएनएन वल्र्ड स्पोर्ट के साथ बातचीत में किया। सचिन ने कहा ‘जब मुझे यह खबर मिली कि मुझे भारत रत्न दिया जाएगा तो मैं उस समय नि:शब्द हो गया था। मुझे याद है कि मैं अपने कमरे में बैठा हुआ था। मेरी पत्नी मेरे साथ थी। मेरे पास प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मुझसे बात करना चाहते हैं।’

मास्टर ब्लास्टर ने कहा ‘मेरे लिए यह बडा सुखद आश्चर्य और एक विशेष क्षण था कि प्रधानमंत्री मेरे योगदान की सराहना करते हुए कह रहे थे कि पूरे देश को आप पर गर्व है। मैं गौरवान्वित था। मुझे लगता है कि यह बहुत ही खास क्षण था। मैंने अपनी पत्नी से कहा मैं तुम्हें कुछ बताना चाहता हूं।’ सचिन ने कहा ‘मैंने अंजलि से कहा कि मैं तुम्हें जो बताने जा रहा हूं उसके लिए ईश्वर का शुक्रिया अदा करो। मैंने जब अपनी पत्नी को बताया कि मुझे अभी प्रधानमंत्री ने फोन कर कहा है कि मुझे भारत रत्न प्रदान किया जाएगा। मैं नहीं जानता था कि मैं कैसे प्रतिक्रिया व्यक्त करूं लेकिन अंजलि ने उछलना शुरू कर दिया। यह सबकुछ अविश्वनीय था।’

सचिन ने कहा ‘जब मैंने दस अक्टूबर को अपने सन्यास की घोषणा की थी तबसे चीजें बहुत बदल गई थीं। मैं जहां भी जाता था लोग मेरे बारे में अपनी भावनाएं व्यक्त करना चाहते थे और मैंने देश के लिए जो कुछ किया था उसके लिए धन्यवाद देना चाहते थे। लाहली में खेले गए अपने आखिरी प्रथम श्रेणी मैच से लेकर कोलकाता और फिर मुंबई तक का सफर बहुत खास था।’ सचिन ने कहा ‘मुंबई टेस्ट के समय जो कुछ हुआ वह अविश्वनीय था। लोगों के प्यार को मैं कभी नहीं भूल सकता। इसे व्यक्त करने के लिए मेरे पास कोई शब्द भी नहीं हैं। मेरे करियर के पटाक्षेप की पटकथा लिखना किसी इंसान के बस की बात नहीं थी। मुझे लगता है कि यह ईश्वर की रचना थी।’

सचिन ने साथ ही कहा ‘क्रिकेट में फिर से वापसी का अब कोई सवाल नहीं उठता है। मैं संतुष्ट हूं। मुझे कोई अफसोस नहीं है। सन्यास लेने के लिए इससे बेहतर समय कोई और नहीं था।’