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बुडापेस्ट: ओलंपिक खेलों में कुश्ती के शामिल किए जाने से आत्मविश्वास से भरी भारतीय पहलवानों की 22 सदस्यीय टीम कल शुरू होने वाली विश्व चैम्पियनशिप में मजबूत दावेदारों को चुनौती देने के लिए तैयार है। लंदन ओलंपिक में दो पदक जीतने के बाद भारतीय पहलवान हफ्ते भर तक चलने वाली चैम्पियनशिप में सफलता की एक और दास्तां लिखने की उम्मीद लगाये होंगे।

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने 2020 और 2024 ओलंपिक खेलों में कुश्ती को शामिल करने का फैसला किया। ओलंपिक वर्ष के एक साल बाद आयोजित  विश्व चैम्पियनशिप पुरुषों की फ्रीस्टाइल प्रतियोगिता (16 से 18 सितंबर) से शुरू होगी जिसके बाद महिलाओं की फ्रीस्टाइल (18 से 20 सितंबर) और ग्रीको रोमन (20 से 22 सितंबर) आयोजित की जायेंगी। भारत का विश्व चैम्पियनशिप में एकमात्र स्वर्ण दो बार के ओलंपिक पदकधारी सुशील कुमार ने 2010 में 66 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में जीता था।

भारत 2011 में एक भी पदक नहीं जीत पाया था। सुशील ने अपनी अंतिम प्रतिस्पर्धी बाउट लंदन ओलंपिक खेली थी जिसमें वह स्वर्ण पदक मैच गंवा बैठे थे। कंधे की चोट ने इस 30 वर्षीय पहलवान एक साल के लिये खेल से बाहर रखा लेकिन सुशील ने कहा, ‘‘अब यह चोट पूरी तरह से ठीक हो गई है।’’ सुशील के स्टैंडबाय के तौर पर 22 सदस्यीय टीम में अरूण कुमार को रखा गया है।

अरूण ने 2011 में जकार्ता में हुई जूनियर एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। भारत हालांकि लंदन ओलंपिक के कांस्य पदकधारी योगेश्वर दत्त के बिना ही इसमें उतरेगा क्योंकि वह घुटने की चोट से उबर रहे हैं। उनकी जगह बजरंग को 60 किग्रा में उतारा गया है। भारत ने अब तक इस चैम्पियनशिप में एक स्वर्ण, एक रजत और पांच कांस्य से कुल सात पदक जीते हैं।

मौजूदा एशियाई चैम्पियन अमित कुमार 55 किग्रा में भारत का अभियान शुरू करेंगे और सोनीपत के इस 20 वर्षीय पहलवान से काफी उम्मीदें लगी हुई हैं। अरूण (66 किग्रा) और जूनियर विश्व कांस्य पदकधारी सत्यव्रत कादियान (96 किग्रा) कल अन्य दावेदारों में शामिल होंगे। पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप महिला वर्ग में कराई गयी जिसमें गीता फोगाट और बबीता कुमारी ने कनाडा के एडमंटन में कांस्य पदक अपने नाम किया था। गीता इसमें भारतीय महिलाओं की चुनौती की अगुवाई करेंगे।