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नई दिल्ली: ओलंपिक पदक विजेता और विश्व चैंपियन पहलवान सुशील कुमार को पूरा भरोसा है कि वर्ष 2020 के ओलंपिक में कुश्ती बनी रहेगी और इसका बाल भी बांका नहीं होगा।

सुशील ने इस साल के अर्जुन पुरस्कार विजेता नेहा राठी और उनके पिता जगरूप सिंह राठी के सम्मान में चंदगीराम व्यायामशाला समिति द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में कहा ‘कुश्ती को लेकर भारत की ओर से काफी दबाव बनाया गया है और मुझे पूरा यकीन है कि यह खेल ओलंपिक आंदोलन में बना रहेगा।’ वर्ष 2010 में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बने और पिछले दो ओलंपिक में कांस्य तथा रजत पदक जीतकर इतिहास बना चुके सुशील ने कहा कि जब कुश्ती को ओलंपिक से बाहर करने की सिफारिश की गई थी तभी से भारतीय कुश्ती महासंघ अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती महासंघ, फीला के लगातार संपर्क में बना हुआ है।

सुशील ने कहा ‘फीला ने इस मुद्दे पर दुनिया के तमाम बड़े देशों का समर्थन जुटाया है। इसी समर्थन का परिणाम था कि पिछली वोटिंग में कुश्ती को आठ वोट मिले थे और ब्यूनस आयर्स में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के सत्र में भी कुश्ती को पूरा समर्थन मिलेगा।’