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नई दिल्ली: कोलकाता में 1962 में हुए राष्ट्रीय खेलों में विख्यात धावक मिल्खा सिंह को हराकर स्वर्ण पदक जीतने वाले मक्खन सिंह के परिवार की खराब हालत का संज्ञान लेते हुए सरकार ने उनकी मदद का फैसला किया है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज द्वारा सदन में शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाए जाने पर संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने कहा, ‘‘पेट्रोलियम मंत्री ने मुझे अभी बताया है कि उनका मंत्रालय मक्खन सिंह के परिवार की मदद करने की पहल कर रहा है। सरकार इस संबंध में नीति बनाने में लगी है कि ऐसे खिलाडिय़ों के परिवारों की किस तरह से मदद की जा सके।’’

उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की नीति बनाने में भी लगी है कि खेलों को किस तरह से प्रोत्साहित किया जाए। सुषमा ने यह मामला उठाते हुए जाने माने एथलीट दिवंगत मक्खन सिंह के परिवार को सरकार से मदद दिलाने और उत्कृष्ठ खिलाडिय़ों एवं खेल को बढ़ावा देने के लिए विशिष्ट नीति बनाने की मांग की।

संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ओर के सदस्यों ने मेज थपथपाकर इसका समर्थन किया। सोनिया गांधी को इस बारे में कमलनाथ को बोलने का संकेत करते देखा गया। सुषमा ने कहा कि कल उन्होंने ‘भाग मिल्खा भाग’ फिल्म देखी और उन्हें आभास हुआ कि खेल की इस उंचाई तक पहुंचने के लिए कितनी साधना करनी पड़ती है। लेकिन इसके बाद एक टेलीविजन चैनल पर उन्हें मिल्खा सिंह को हराने वाले एथलीट मक्खन सिंह के परिवार से जुड़ी पीड़ादायक खबर देखने को मिली।

उन्होंने कहा, ‘‘मक्खन सिंह की विधवा कह रही थी कि उनके पास खाने के लिए रोटी नहीं है और वह अपने पति को मिले मेडलों को लोगों से खरीदने की गुहार कर रही थीं ताकि उनका घर चल सके।’’