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नई दिल्ली: भारतीय युगल ओलंपिक पदकधारी पहलवान सुशील कुमार ने आज कहा कि देश के खेल प्रशासकों ने उनके दावों को गंभीरता से नहीं लिया था कि उन्हें मास्को में हुई 2010 विश्व चैम्पियनशिप फाइनल में हारने के लिये धन की पेशकश की गयी थी।
 
सुशील ने आज ‘एनडीटीवी’ से एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मैंने 2010 में ही इस घटना के बारे में बताया था कि किसी ने भी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। मैं फीला (कुश्ती की विश्व संस्था) नहीं हूं और न ही कोई अन्य महासंघ, इसलिये नहीं कह सकता कि रूसी पहलवान का पदक छीना जाना चाहिए या नहीं। ’’

सुशील मास्को विश्व चैम्पियनशिप में अपने 66 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में रूस के एलन गोगाएव के खिलाफ मुकाबले का जिक्र कर रहे थे।

लंदन ओलंपिक खेलों के रजत पदकधारी सुशील ने कहा था कि उन्हें इस खिताबी भिड़ंत को हारने के लिये करीब तीन करोड़ रूपये की पेशकश की गयी थी।

उन्होंने कहा कि उन्हे कोच के जरिये अपना फाइनल मुकाबला हारने की पेशकश की गयी थी। रूस में कुश्ती बहुत लोकप्रिय खेल है और उन्हें किसी भारतीय पहलवान के फाइनल में प्रवेश करने की उम्मीद नहीं थी। ’’ इस 30 वर्षीय पहलवान ने कहा कि कुश्ती से भ्रष्ट अधिकारियों को हटा देना चाहिए।