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रोम: दुनिया के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी यानिक सिनर ने इटालियन ओपन 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। रोम में खेले गए फाइनल मुकाबले में सिनर ने कैस्पर रूड को सीधे सेटों में 6-4, 6-4 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही वह 1976 में एड्रियानो पनाटा के बाद इटालियन ओपन जीतने वाले पहले इटालियन खिलाड़ी बन गए। लगभग 50 साल बाद किसी घरेलू खिलाड़ी ने रोम में यह प्रतिष्ठित खिताब जीता है।

नोवाक जोकोविच के एलीट क्लब में एंट्री

24 वर्षीय सिनर ने इस जीत के साथ अपना लगातार छठा ATP Masters 1000 खिताब जीता। इसके अलावा उन्होंने करियर के सभी 9 ATP Masters 1000 टाइटल जीतने का भी कारनामा कर दिखाया। ऐसा करने वाले वह इतिहास में सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि सिर्फ नोवाक जोकोविच ने हासिल की थी, जिन्होंने 2018 में सिनसिनाटी खिताब जीतकर करियर गोल्डन मास्टर्स पूरा किया था।

फाइनल में दिखा सिनर का दबदबा

मुकाबले की शुरुआत में कैस्पर रूड ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन धीरे-धीरे सिनर ने शानदार बेसलाइन गेम और सटीक शॉट्स से मैच पर पकड़ बना ली। एक घंटा 44 मिनट चले मुकाबले में सिनर ने लगातार दबाव बनाए रखा और आखिरकार सीधे सेटों में जीत दर्ज की। जीत के बाद उन्होंने दोनों हाथ उठाकर घरेलू दर्शकों का अभिवादन किया और अपनी टीम को गले लगाया।

फिटनेस पर उठे सवालों का दिया जवाब

फाइनल से पहले सिनर की फिटनेस को लेकर सवाल उठ रहे थे। सेमीफाइनल में डेनिल मेदवेदेव के खिलाफ लंबा मुकाबला खेलने के बाद वह थके हुए नजर आए थे। बारिश की वजह से वह मैच दो दिनों तक चला था। हालांकि फाइनल में सिनर पूरी तरह फिट दिखाई दिए और उन्होंने शानदार मूवमेंट के साथ रूड को कोई बड़ा मौका नहीं दिया।

सिनर ने कहा, 'यह मुकाबला काफी कठिन और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण था। मैं अपनी फिटनेस टीम का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिन्होंने पूरे साल मेरे शरीर को फिट रखने के लिए मेहनत की।'

रूड ने भी की सिनर की तारीफ

हार के बाद कैस्पर रूड ने भी सिनर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'यानिक इस साल जो कर रहे हैं, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। उनके खिलाफ खेलना और इस माहौल का हिस्सा बनना मेरे लिए सम्मान की बात है।'

लगातार बढ़ता जा रहा सिनर का दबदबा

यानिक सिनर इस समय पुरुष टेनिस में सबसे खतरनाक खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। लगातार बड़े टूर्नामेंट जीतने के साथ वह अब नोवाक जोकोविच और रोजर फेडरर जैसे दिग्गजों की उपलब्धियों को भी चुनौती देने लगे हैं।