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लंदन ( निकलेश जैन ) विश्व शतरंज चैंपियनशिप में अंततः नया इतिहास बन गया जब नॉर्वे के मौजूदा विश्व चैम्पियन मेगनस कार्लसन और उनके चैलेंजर अमेरिकन फबियानों करूआना के बीच खेला गया 12 वां क्लासिकल मुक़ाबला भी ड्रॉ पर समाप्त हो गया ।एक बार काले मोहोरे से खेलते हुए कार्लसन नें सिसिलियन पेलिकान का सहारा लिया और मैच ड्रॉ पर जब समाप्त हुआ तो कार्लसन ही बेहतर स्थिति में थे ।  विश्व शतरंज इतिहास में यह पहला मौका है जब रेगुलर मुक़ाबले मतलब सभी क्लासिकल मुक़ाबले ड्रॉ पर समाप्त हो गए है। अब दोनों  खिलाड़ियों के बीच कल चार रैपिड मुक़ाबले खेले जाएंगे , जिसमें दोनों खिलाड़ियों को 25 मिनट का समय मिलेगा और हर चाल में 10 सेकंड बढ़ेंगे । अगर इन चार रैपिड मुक़ाबले के बाद भी कोई परिणाम नहीं आया तो फिर दोनों के बीच दो 5 -5 मिनट के ब्लिट्ज़ मुक़ाबले खेले जाएंगे और अगर फिर भी परिणाम नहीं आया तो फिर अंतिम मुक़ाबला होगा जिसमें काले मोहरे से खेल रहे खिलाड़ी को 4 मिनट जबकि सफ़ेद मोहरो से खेल रहे खिलाड़ी को 5 मिनट दिये जाएंगे और ड्रॉ होने की स्थिति में काले को विजेता घोषित कर दिया जाएगा । 

खैर वैसे तो इनके सभी मैच ड्रॉ होने के बारे में काफी कयास लगाए जा रहे है पर दरअसल इसके पीछे कार्लसन की टीम की ही योजना है क्यूंकी क्लासिकल मुकाबलों में भले ही दोनों के बीच अंतर काफी कम है पर जहां रैपिड और ब्लिट्ज़ में कार्लसन विश्व नंबर एक खिलाड़ी है तो करूआना रैपिड में नंबर 8 तो ब्लिट्ज़ में विश्व नंबर 13 ही मतलब साफ है की अगर आंकड़ों पर जाएँ तो कार्लसन का पडला सफतौर पर टाईब्रेक में भारी है पर इतिहास में क्या छुपा है कौन जानता है 

देखे राउंड 12 के मुक़ाबले का हिन्दी विश्लेषण चेसबेस हिन्दी के सौजन्य से 

 

 

 

 

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