स्पोर्ट्स डेस्क: तीन बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन स्टैन वावरिंका का विंबलडन सफर भावुक अंदाज में समाप्त हो गया। पहले दौर में इटली के माटेओ बेरेटिनी ने चार घंटे 20 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में वावरिंका को 6-7(7), 7-6(16), 7-6(7), 7-6(5) से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। मैच के बाद वावरिंका ने स्वीकार किया कि अब उनके करियर को अलविदा कहने का समय आ गया है।
चार घंटे 20 मिनट तक चला रोमांचक मुकाबला
41 साल और 106 दिन की उम्र में पुरुष एकल ड्रॉ के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी वावरिंका ने बेरेटिनी को कड़ी टक्कर दी। उन्होंने पहला सेट टाई-ब्रेक में 9-7 से अपने नाम किया, लेकिन 2021 विंबलडन फाइनलिस्ट बेरेटिनी ने दूसरे सेट का बेहद रोमांचक टाई-ब्रेक 18-16 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।
टाई-ब्रेक में बेरेटिनी ने दिखाई दमदार वापसी
अंधेरा होने के बाद सेंटर कोर्ट की छत बंद कर दी गई, लेकिन मुकाबले का रोमांच कम नहीं हुआ। तीसरे सेट में बेरेटिनी ने सर्विस ब्रेक हासिल किया, हालांकि वावरिंका ने तुरंत वापसी कर ब्रेक वापस ले लिया। इसके बाद बेरेटिनी ने लगातार दो टाई-ब्रेक जीतकर मैच अपने नाम कर लिया और दूसरे दौर का टिकट कटाया।
वावरिंका के जज्बे ने जीता दर्शकों का दिल
आखिरी अंक के बाद स्कोरबोर्ड पर बेरेटिनी की जीत दर्ज थी, लेकिन सेंटर कोर्ट तालियों से वावरिंका के लिए गूंज उठा। स्विस दिग्गज ने उम्र के इस पड़ाव पर भी जिस जज्बे और संघर्ष का प्रदर्शन किया, उसने इस मुकाबले को विंबलडन 2026 के शुरुआती दौर के सबसे यादगार मैचों में शामिल कर दिया।
'जिससे प्यार हो, उसे अलविदा कहना आसान नहीं'
मैच के बाद भावुक वावरिंका ने कहा, 'जिस चीज़ से आप इतना प्यार करते हैं, उसे अलविदा कहना कभी आसान नहीं होता। मैं हमेशा इस खेल के लिए जुनूनी रहा हूं और शुक्रगुजार हूं कि मुझे यहां आखिरी बार खेलने का मौका मिला। इससे बेहतर विदाई की मैं कल्पना भी नहीं कर सकता था। मैं संन्यास नहीं लेना चाहता, लेकिन अब रुकने का समय आ गया है। इतने लंबे समय तक खेलने की वजह आज रात जैसे पल ही थे।'
2026 सीजन के अंत में लेंगे संन्यास
वावरिंका पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह 2026 सीजन के अंत में पेशेवर टेनिस को अलविदा कह देंगे। दूसरी ओर, इस जीत के साथ बेरेटिनी ने एक बार फिर विंबलडन में लंबा सफर तय करने की अपनी उम्मीदें मजबूत कर ली हैं।