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नई दिल्ली : युवा ओलंपिक के वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में महज 15 साल की उम्र में गोल्ड जीतने वाली भारतीय वेटलिफ्टर जेरेमी लालरिनुंगा की नजरें अब सीधे ओलंपिक पर टिक गई हैं। लालरिनुंगा को ओलिम्पिक में भारत के लिए गोल्ड का दावेदार माना जाता है। उनका कहना है कि अगले दो सालों में वह अपने वजन में इजाफा करना चाहते हैं। मिजोरम के इस युवा को भारतीय वेटलिफ्टर का अगला बड़ा स्टार माना जा रहा है और सोमवार को उन्होंने 62 किग्रा वर्ग में निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए ब्यूनस आयर्स में युवा ओलंपिक खेलों में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता।

लालरिनुंगा बोले- मैं 21 अक्टूबर को पटियाला लौटूंगा। मैं स्वर्ण जीतकर खुश हूं। अब मेरा ध्यान 2020 तोक्यो ओलंपिक के लिए कड़ी मेहनत करने पर होगा। ओलंपिक के लिए मुझे अपने वजन वर्ग को बदलकर 67 किग्रा करना होगा इसलिए मुझे और कड़ी मेहनत करनी होगी। युवा ओलंपिक चैंपियन लालरिनुंगा अपने मुक्केबाज पिता के पदचिन्हों पर चलना चाहते थे लेकिन जब उन्होंने देखा कि वेटलिफ्टिंग में आपके दमखम की असली परीक्षा होती है तो वह इस खेल की तरफ मुड़ गए। उनके पिता लालनिथलुंगा राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता मुक्केबाज हैं।

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