स्पोर्ट्स डेस्क: इंग्लैंड के महान ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद पहली बार अपने फैसले पर खुलकर बात की। स्टोक्स ने स्वीकार किया कि यह फैसला लेना उनके लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद कठिन था। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की कप्तानी करना उनके करियर का सबसे बड़ा सम्मान रहा, लेकिन लगातार जिम्मेदारियों और शारीरिक-मानसिक दबाव ने उन्हें यह कठिन कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
संन्यास के फैसले पर पहली बार बोले बेन स्टोक्स
15 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत करने के बाद बेन स्टोक्स ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से वह इस फैसले को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने माना कि यह उनके जीवन के सबसे कठिन फैसलों में से एक रहा। स्टोक्स ने कहा, 'यह फैसला लेना वास्तव में बहुत मुश्किल था। कप्तानी करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। जो रूट जैसे कप्तान इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझते हैं। इंग्लैंड की टीम का नेतृत्व करना मेरे लिए सबसे खास अनुभव रहा।'
शारीरिक और मानसिक थकान बनी सबसे बड़ी वजह
स्टोक्स ने बताया कि केवल शरीर ही नहीं बल्कि मानसिक दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा था। कप्तानी की जिम्मेदारी निभाते-निभाते वह खुद को पहले जैसा महसूस नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा कि परिवार ने भी इस दौरान उनके संघर्ष को बेहद करीब से देखा। हालिया लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि जिस जुनून के साथ वह इतने साल क्रिकेट खेलते रहे, वह अब पहले जैसा नहीं बचा है। इसी वजह से उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया। स्टोक्स ने यह भी माना कि यह फैसला कुछ लोगों को स्वार्थी लग सकता है, लेकिन उन्हें विश्वास है कि यह उनके और इंग्लैंड क्रिकेट—दोनों के भविष्य के लिए सही कदम है।
विश्व कप जीत से लेकर 'बैजबॉल' तक, यादगार रहा करियर
बेन स्टोक्स का करियर इंग्लैंड क्रिकेट के सबसे सुनहरे दौर का हिस्सा रहा। 2019 वनडे विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी ऐतिहासिक पारी क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है। साल 2022 में जो रूट के बाद टेस्ट टीम की कप्तानी संभालने के बाद स्टोक्स ने आक्रामक 'बैजबॉल' शैली को अपनाया, जिसने इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट की तस्वीर बदल दी। उनकी कप्तानी में टीम ने कई ऐतिहासिक जीत दर्ज कीं और नई पहचान बनाई।
आंकड़ों में बेन स्टोक्स का शानदार सफर
बेन स्टोक्स ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। इनमें उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से कई मैच जिताऊ प्रदर्शन किए। 44 टेस्ट मैचों में कप्तानी करते हुए उन्होंने इंग्लैंड को नई दिशा दी। स्टोक्स अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़कर जा रहे हैं, जिसमें नेतृत्व, संघर्ष, जुझारूपन और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन हमेशा याद रखा जाएगा।
इंग्लैंड क्रिकेट के एक सुनहरे अध्याय का अंत
बेन स्टोक्स के संन्यास के साथ इंग्लैंड क्रिकेट के एक यादगार युग का भी अंत हो गया। विश्व कप जीत, एशेज में शानदार प्रदर्शन और टेस्ट क्रिकेट में नई सोच के साथ उन्होंने खुद को आधुनिक दौर के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में शामिल किया। क्रिकेट प्रेमियों के लिए उनका नाम हमेशा इंग्लैंड के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार रहेगा।