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नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम को 2011 का वर्ल्ड कप दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाली गैरी कर्स्टन ने टी-20 क्रिकेट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक वेबसाइट से बातचीत में कहा कि टी-20 क्रिकेट जिस तरह आगे बढ़ रही है उस हिसाब से यह एक दिन बेसबॉल की तरह हो जएगी। कर्स्टन ने कहा कि क्रिकेट में जिस तरह मनोरंजन की डिमांड बढ़ती जा रही है, उससे यह फार्मेट एक दिन बेसबॉल का ही रूप ले लेगा। टी-20 में आपको टैस्ट की बजाय जल्दी निर्णय लेने होते हैं जोकि टैस्ट में बिल्कुल ऊलट है। क्या टी-20 टीम को कोच की जरूरत है, सवाल पर कर्स्टन ने कहा कि टैस्ट क्रिकेट में आपके पास खिलाडिय़ों की प्रतिभा निखारने के लिए थोड़ा समय होता है जबकि टी-20 में ऐसा नहीं है। ऐसे में कोच प्लेयर्स के माइंडसेट को बनाने रखने में बेहतर भूमिका निभा सकता है।
कोच का काम यह देखना भी होता है कि उसकी टीम को कौन-सी टीम चुनौती दे रही है। कौन-सा ऐसा प्लेयर है जिसे संभालना उनकी टीम के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे में गेंदबाजी में परिवर्तन, बैटिंग करते वक्त स्थितियों के हिसाब से बल्लेबाजी क्रम सैट करने में कोच की अहम भूमिका रहती है।

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